यूपी पुलिस के ऐसे पुलिसकर्मी जितेंद्र यादव को बर्खास्त किया गया है, जो पूरे विभाग और कई जिलों में अपने सामाजिक कार्यों के लिए मशहूर था।

हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव पर आरोप लगे कि वह विभागीय काम के लिए पुलिसकर्मियों से रिश्वत मांगते थे। साथ ही एक महिला पुलिसकर्मी को बार-बार फोन कर मानसिक उत्पीड़न किया।

इसके बाद बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर जिले के अधिकारियों ने बर्खास्तगी की खबर सुनाई।

ये सूचना जितेंद्र यादव के आवास पर चस्पा कर दी गई। नौकरी जाना किसी के लिए भी बड़ा झटका होता है। सो जितेंद्र यादव भी सदमे में होंगे।

पुलिस विभाग में जितेंद्र यादव प्रसिद्ध नाम हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों के चलते खूब नाम कमाया।

गरीब बच्चे बच्चियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई। कई गरीब लड़कियों की शादी कराई। किसी का राशन कार्ड बनवाया, किसी को राशन दिया। किसी को कपड़े, किसी को घर भी दिलवाया। तो किसी को ब्लड का इंतेजाम कराया। बहुत से काम हैं गिनाने को।

झांसी के बाद जितेंद्र यादव ललितपुर में पोस्टेड थे। झांसी- ललितपुर के लोग सब जानते हैं। फिर भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी नौकरी ही ले ली गई।

बर्खास्तगी के बाद जितेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा-

एक सेकंड हैंड इंडिका विष्टा TDI 2013 मॉडल कार के अलावा मेरे पास कुछ निकल आए तो दोषी बन जाऊंगा।

जो भी है वो सिर्फ़ माता पिता की कमाई का है।

इसके अलावा मैंने जो कमाया है वो ये तस्वीरें है, जिनसे आप मेरी कमाई हुई दौलत को समझ जाओगे।

जितेंद्र यादव ने ये भी लिखा कि-

कभी देखा है कि किसी कर्मचारी की बर्खास्तगी में इतनी गजब की प्रेस कॉन्फ्रेंस होती हो। SP साहब को करनी चाहिए थी तब और अच्छा लगता।

SP_Addl साहब आप दोनों को आपके बच्चों की सौगंध-
कहां मैने जमीन ली, कौन सी गाड़ी खरीद ली प्रमाणित करें… लेकिन आप SHO/SO से कितना लेते हैं, ये प्रमाण है।

jitendrayadav #uppolice #lalitpur #jhansi

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