डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
सरपंच-सचिव और वार्ड पंच पर मिलीभगत का आरोप; शिकायतकर्ता ने पूछा—किसके खाते में, किस आधार पर जारी हुई राशि?
शहपुरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की राशि मूल हितग्राही के खाते के बजाय कथित रूप से किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में भेजे जाने का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत रनगांव निवासी राजकुमार यादव ने मंगलवार को जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं संबंधित वार्ड पंच की कथित मिलीभगत से उनकी दिवंगत मां सिया बाई यादव के नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भुगतान कर दी गई। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से भुगतान से जुड़े बैंक खाते और रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
दिवंगत मां के नाम स्वीकृत था आवास
राजकुमार यादव ने शिकायत में बताया कि उनकी मां सिया बाई यादव के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि योजना के तहत मिलने वाली राशि सिया बाई के खाते में जमा करने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति का बैंक खाता दर्ज कर भुगतान कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक मामले की जानकारी उस समय सामने आई, जब वह अपनी दिवंगत मां के नाम स्वीकृत आवास और उसकी राशि के संबंध में जानकारी लेने ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में शिकायत कर प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
सरपंच, सचिव और वार्ड पंच की भूमिका की जांच की मांग
शिकायत में सरपंच, सचिव एवं संबंधित वार्ड पंच पर कथित मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता ने उल्लेख किया है कि संबंधित वार्ड पंच की पत्नी ग्राम पंचायत में मोबिलाइजर के पद पर कार्यरत थीं। इसे आधार बनाते हुए उन्होंने पंचायत स्तर पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है।
‘बताया जाए, आखिर राशि किसके खाते में गई?’
राजकुमार यादव ने प्रशासन से मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित स्वीकृति, हितग्राही विवरण और बैंक भुगतान रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सिया बाई यादव के नाम स्वीकृत आवास की राशि **किस व्यक्ति के खाते में, कितनी राशि और किस आधार पर जारी की गई।**
उन्होंने कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही मूल हितग्राही के परिवार को योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभ दिलाया जाए। शिकायतकर्ता ने दिवंगत सिया बाई के पति मिश्रीलाल यादव को नियमानुसार आवास योजना का लाभ दिए जाने की मांग भी रखी है।
अब जनसुनवाई में पहुंची इस शिकायत पर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आवास की राशि के भुगतान में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।
