मधुबनी। हिंदी विकास परिषद और जिला राजभाषा कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में डीआरडीए सभागार में हिंदी दिवस समारोह-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपविकास आयुक्त तुषार कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उपविकास आयुक्त तुषार कुमार ने कहा कि हिंदी हिन्दुस्तान की आत्मा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि शासन-प्रशासन से जुड़े कार्यों में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से भाषा के प्रति सम्मान और उसका व्यवहारिक प्रयोग दोनों मजबूत होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पं. राजेश ने हिंदी को देश की संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी विकास परिषद की ओर से जिला प्रशासन के सहयोग से वर्ष 1985 से जिले में हिंदी दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
समारोह में वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. जे.पी. सिंह ने कहा कि हिंदी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है। उन्होंने हिंदी के व्यापक महत्व और उसकी समृद्ध परंपरा पर भी अपने विचार रखे।
दो साहित्यकारों को ‘पं. विपिन पाण्डेय हिंदी सेवा सम्मान’
हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर इस वर्ष भी दो साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। समारोह के अध्यक्ष पं. राजेश रंजन पाण्डेय और सुश्री अनुपम झा को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर ‘पं. विपिन पाण्डेय हिंदी सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दो दर्जन से अधिक साहित्य सेवियों और कवियों ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार रखे तथा काव्य पाठ प्रस्तुत किया। इनमें प्रो. नरेंद्र नारायण सिंह निराला, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल, विजय शंकर पासवान, प्रो. सोनमवाला, अनुपम झा, सुभाष सिनेही, विभा झा, अरविंद प्रसाद, माशुक अंजुम, विनय विश्वबंधु, दयानंद झा, आनंद मोहन झा, राणा ब्रजेश, अजय कुमार सिंह, रतीश चंद्र चौधरी, राजेंद्र पासवान, प्रो. राम दयाल यादव, गोपाल झा, श्वेता कुमारी, विनय विक्रांत, वेदानंद साह, सत्यम पराशर और प्रो. प्रीतम कुमार निषाद प्रमुख रहे।
कार्यक्रम का संचालन साहित्य श्री प्रीतम कुमार निषाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मेराज अहमद ने किया।
