मधुबनी। प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा एवं समर्पण तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प पर आधारित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल और प्रभावी आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी मधुबनी आनंद शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अभियान का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक किया जाना है।
बैठक में अभियान के विभिन्न घटकों, विभागवार जिम्मेदारियों, कार्यक्रमों की तैयारियों, जनभागीदारी, सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच, प्रचार-प्रसार, मीडिया एवं सोशल मीडिया कवरेज तथा अनुश्रवण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभियान के प्रत्येक घटक को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और जनोन्मुखी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा सरकारी सेवाओं के प्रति जनता के विश्वास और सहभागिता को मजबूत करना है।
उन्होंने सभी विभागों को अपने स्तर पर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, विभागीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ सक्रिय और कर्मठ अधिकारियों-कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपकर उनके साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। अभियान की तैयारियों की पुनः कड़ी समीक्षा अगले दिन किए जाने की बात भी कही गई।
17 सितंबर को होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम
बैठक में अभियान के पहले प्रमुख घटक के रूप में 17 सितंबर की शाम आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी के साथ भव्य, आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर जलाए जाने वाले दीपों की संख्या का आकलन कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। विभागीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मठ और सक्रिय अधिकारियों-कर्मियों को चिन्हित कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपने तथा उनके साथ बैठक कर माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि माइक्रो प्लान में कार्यक्रम स्थल, दीपों की व्यवस्था एवं वितरण, मानव संसाधन, विभागीय समन्वय, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। सभी विभागों को कार्यक्रम से पहले अपने दायित्वों से संबंधित तैयारियां पूरी करने को कहा गया, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में तैयारियों को अंतिम रूप दें।
