मधुबनी में ‘सेवा-संवाद-समाधान’ अनुश्रवण प्रणाली के तहत आयोजित ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम ने लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाना और प्रशासन व जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान ऑनलाइन माध्यम से 55 आवेदन और ऑफलाइन माध्यम से 38 आवेदन प्राप्त हुए।

इन प्रमुख मामलों पर हुई सुनवाई

जनसुनवाई के दौरान बेनीपट्टी प्रखंड के मधवापुर निवासी शिवलाल पासवान ने बासुकी बिहार उत्तरी पंचायत के मुख्य मार्ग पर जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग को लेकर आवेदन दिया।

वहीं, दुर्गीपट्टी निवासी कृष्ण देव ठाकुर ने नल-जल योजना के कार्य का बकाया मानदेय भुगतान नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई।

खुटौना प्रखंड के दुर्गीपट्टी पंचायत निवासी मनोज पंजियार ने तालाब उड़ाही और अतिक्रमण हटाने को लेकर आवेदन दिया। बाघा कुसमार पंचायत के एकडारा टोले के उमेश कुमार मंडल सहित ग्रामीणों ने सरकारी आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराकर आवागमन बहाल करने की मांग रखी।

बिस्फी प्रखंड के सिमरी निवासी ऋषिकांत राउत ने अधिक बिजली बिल आने, मानसिक उत्पीड़न और अवैध रूप से बिजली कनेक्शन काटे जाने की शिकायत की। वहीं, बाबूबरही प्रखंड की घंघौर पंचायत निवासी ममता देवी ने विधवा महिला के दो नाबालिग बच्चों को बाल संरक्षण पोषण योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन दिया।

समय सीमा में शिकायतों के निपटारे का निर्देश

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद रहे और लोगों की शिकायतें सुनीं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया है और प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर किया जाना है।

नागरिक अपनी शिकायतें घर बैठे सहयोग शिविर RTMS पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।

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