मधुबनी में नदियों का जलस्तर सामान्य, खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं भुतही बलान और कमला बलान
मधुबनी जिले में मानसून के बीच प्रमुख नदियों के जलस्तर पर जल संसाधन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। मंगलवार को जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले की प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और अधिकांश जलमापी केंद्रों पर जलस्तर स्थिर अथवा घटने की स्थिति में है।
भुतही बलान नदी का जलस्तर स्थिर
भुतही बलान नदी के जलस्तर की निगरानी जिले के एकम्मा साइफन स्थित जलमापी केंद्र पर की जा रही है। यहां नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) वर्ष 2024 में 72.10 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि खतरे का स्तर 69.50 मीटर निर्धारित है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 22 जून 2026 को सुबह 6 बजे और शाम 6 बजे जलस्तर 68.74 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं 23 जून को सुबह 6 बजे जलस्तर घटकर 68.59 मीटर पहुंच गया, जो शाम 4 बजे तक स्थिर बना रहा। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 0.91 मीटर नीचे है।
जयनगर में कमला बलान का जलस्तर भी नियंत्रण में
कमला बलान नदी के जयनगर डाउनस्ट्रीम जलमापी केंद्र पर भी स्थिति सामान्य बनी हुई है। यहां नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर वर्ष 2019 में 71.35 मीटर रिकॉर्ड किया गया था, जबकि खतरे का स्तर 68.50 मीटर निर्धारित है।
22 जून को सुबह 6 बजे जलस्तर 67.30 मीटर था, जबकि शाम 6 बजे यह बढ़कर 67.65 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद 23 जून की सुबह जलस्तर 67.35 मीटर दर्ज किया गया और शाम 4 बजे तक यह 67.30 मीटर पर स्थिर रहा। यह जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.20 मीटर नीचे है।
झंझारपुर रेल पुल के पास जलस्तर में गिरावट
कमला बलान नदी के झंझारपुर रेल पुल डाउनस्ट्रीम स्टेशन पर भी जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। यहां नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर वर्ष 2019 में 53.11 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि खतरे का स्तर 50.50 मीटर निर्धारित है।
21 जून को सुबह 6 बजे जलस्तर 49.60 मीटर था, जो शाम तक बढ़कर 49.70 मीटर पहुंच गया था। हालांकि 23 जून को सुबह 6 बजे जलस्तर 49.90 मीटर दर्ज किया गया, लेकिन शाम 4 बजे तक इसमें गिरावट आई और जलस्तर 49.68 मीटर पर पहुंच गया।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की लगातार निगरानी
जल संसाधन विभाग की ओर से जिले के सभी प्रमुख जलमापी केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल किसी भी नदी के खतरे के निशान के करीब पहुंचने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन मानसून के सक्रिय होने के कारण प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
