मधुबनी। जिले में नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों के संभावित शुभारंभ और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 जुलाई 2026 से पहले आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं।
जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री बिहार द्वारा भागलपुर से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 211 नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का शुभारंभ तथा नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत आरंभ प्रस्तावित है।
प्रशासन के अनुसार इस अवसर को राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और विकास से जुड़े एक महत्वपूर्ण जन-उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि 15 जुलाई से पहले सभी नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।
उन्होंने महाविद्यालय भवन, परिसर और कक्षाओं की तैयारियों के साथ-साथ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, फर्नीचर, कार्यालय संचालन, कक्षाओं के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री, कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य आईटी सुविधाओं की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही परिसर की साफ-सफाई और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को 14 जुलाई तक व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तैयारियां सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी होने से नए राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित तिथि से सुचारु रूप से प्रारंभ हो सकेंगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
