*समाहरणालय, मधुबनी*
=================
*जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
====================
*प्रेस विज्ञप्ति*
*दिनांक 23/06/2026*
==================
*जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश के आलोक में मधुबनी जिले के सभी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन का हुआ आयोजन। ——————— स्वच्छ शहर निर्माण का लिया संकल्प*

*कचरा पृथक्करण से वैज्ञानिक निस्तारण तक, जनप्रतिनिधियों को दी गई व्यापक जानकारी*

*स्वच्छ शहर के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी निर्णायक :*
*मधुबनी – 23 जून2026*
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश के आलोक में मधुबनी जिले के सभी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डीआरडीए सभागार, मधुबनी में किया गया। प्रशिक्षण में सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारीगण ने भाग लिया।
जनप्रतिनिधियों की सुविधा एवं प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का आयोजन दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में मधुबनी नगर निगम, फुलपरास नगर पंचायत एवं घोघरडीहा नगर पंचायत के पार्षदों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं द्वितीय पाली में झंझारपुर नगर परिषद, जयनगर नगर पंचायत एवं बेनीपट्टी नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उप नगर आयुक्त जफर इकबाल, स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन, घोघरडीहा एवं फुलपरास नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम, नगर परिषद झंझारपुर के स्वच्छता पदाधिकारी दीपक कुमार, नगर पंचायत बेनीपट्टी के स्वच्छता पदाधिकारी शिव कुमार तथा जिला परियोजना पदाधिकारी (नमामि गंगे) आनंद अंकित सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
प्रशिक्षण के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रतिभागियों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, सामग्री पुनर्प्राप्ति केंद्र (एमआरएफ) के संचालन, कम्पोस्टिंग, पुनर्चक्रण, वैज्ञानिक निस्तारण, स्वच्छता मानकों के पालन तथा जनभागीदारी के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही खुले में कचरा फेंकने, अपशिष्ट को मिश्रित करने एवं अन्य स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर लागू दंडात्मक प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर उप नगर आयुक्त जफर इकबाल ने कहा कि “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 केवल एक नियमावली नहीं, बल्कि स्वच्छ एवं सतत शहरी विकास का आधार है। जनप्रतिनिधि इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सक्रिय सहयोग एवं जनजागरूकता के माध्यम से ही कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया जा सकता है।”
वहीं कार्यक्रम के संयोजक एवं नगर निगम मधुबनी के स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन ने कहा कि “इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को नियमावली-2026 के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की प्रभावी निगरानी कर सकें और नागरिकों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर सकें। स्वच्छ शहर के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को नियमावली के प्रावधानों के प्रति जागरूक करेंगे, स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देंगे तथा नगर निकायों द्वारा संचालित स्वच्छता गतिविधियों की नियमित निगरानी करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में घोघरडीहा एवं फुलपरास नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम, नगर परिषद झंझारपुर के स्वच्छता पदाधिकारी दीपक कुमार, नगर पंचायत बेनीपट्टी के स्वच्छता पदाधिकारी शिव कुमार, नगर निगम मधुबनी के डाटा ऑपरेटर मनीष एवं प्रकाश सहित सभी स्वच्छता साथियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के संचालन, समन्वय एवं प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में उनकी सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version