भारतीय जनता पार्टी के शासन में ओडिशा ‘जंगलराज’ की भयावह तस्वीर बन चुका है।
दिनदहाड़े गुंडे कानून को कुचल रहे हैं – लूट, मारपीट और अब लोगों पर गाड़ियाँ चढ़ाकर “सज़ा” देने का खौफनाक मंजर। यह सिर्फ अपराध नहीं, राज्य की नाकामी का खुला सबूत है।
जब सत्ता संरक्षण दे या आँख मूँद ले, तो अपराधी ऐसे ही दरिंदे बनते हैं। सवाल साफ है – सरकार किसके साथ खड़ी है? पीड़ितों के या अपराधियों के?
यह सिर्फ शर्म नहीं, लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
