पटना, 19 अगस्त 2026। बिहार में दंगा, हिंसक प्रदर्शन और अन्य गंभीर कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अब जिला स्तर पर विशेष दंगा निरोधक दस्ता तैनात किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में जिला एंटी रायट फोर्स (DARF) के गठन का आदेश जारी किया है। इस विशेष बल में चयनित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला स्तर पर गठित दंगा निरोधक दस्ते को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सांप्रदायिक तनाव, हिंसक प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी संपत्ति पर हमले, भीड़ नियंत्रण और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला एवं अनुमंडल स्तर पर तैनात किया जाएगा।
मेरठ में प्रशिक्षित होंगे ट्रेनर
विशेष दंगा निरोधक दस्ते के लिए चयनित कर्मियों का एक महीने का प्रशिक्षण संबंधित जिले के पुलिस केंद्र में कराया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पुलिस निरीक्षक, सार्जेंट मेजर, पुलिस अवर निरीक्षक सार्जेंट या सहायक अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारियों का चयन किया जाएगा।
चयनित प्रशिक्षकों का ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (TOT) मेरठ स्थित रैपिड एक्शन फोर्स एकेडमी फॉर पब्लिक ऑर्डर (RAPO) में कराया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में गठित दंगा निरोधक दस्ते के चयनित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को प्रशिक्षण देंगे।
इसके अलावा प्रत्येक तीन महीने में हर प्लाटून के लिए एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स भी आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण पुलिस केंद्र में पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के नेतृत्व में कराया जाएगा। जिलों के एसपी या एसएसपी प्रशिक्षण, आवासन, साजो-सामान और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
दस्ते में छह तरह के कर्मियों की तैनाती
जिला एंटी रायट फोर्स में प्रभारी पदाधिकारी के अलावा प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी, महिला पुलिसकर्मी, चिकित्सा या एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी कर्मी, संचार एवं रिजर्व बल तथा लाठी दस्ता में प्रशिक्षित जवान शामिल होंगे।
विशेष दस्ते की प्रत्येक कंपनी में तीन प्लाटून होंगी। प्रत्येक प्लाटून में अश्रु गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, चालक और वायरलेस ऑपरेटर समेत कुल 47 कर्मी होंगे। हर प्लाटून को दो वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें एक बस और एक ट्रक शामिल होगा।
डीएसपी रैंक के अधिकारी होंगे प्रभारी
जिला स्तर पर गठित दंगा निरोधक दस्ते की कमान पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के पास होगी। दस्ता प्रभारी अपने अधीन बल की तैनाती, अनुशासन, संचार व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्रवाई से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।
तीन श्रेणियों में बांटे गए जिले
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार राज्य के जिलों को ए, बी और सी तीन श्रेणियों में बांटकर कुल 49 कंपनी दंगा निरोधक बल का गठन किया जाएगा। इसके लिए कुल 294 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्रेणी-ए: पटना को 3 कंपनी और 18 वाहन दिए जाएंगे। गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय को 2-2 कंपनी तथा 12-12 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्रेणी-बी: नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया में 1-1 कंपनी तैनात की जाएगी। प्रत्येक जिले को 6-6 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्रेणी-सी: अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया में 1-1 प्लाटून दंगा निरोधक बल तैनात किया जाएगा। इन जिलों को 2-2 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
सूचना मिलने के 20 मिनट के भीतर रवाना होगी टीम
किसी जिले में दंगा या हिंसक स्थिति उत्पन्न होने की सूचना मिलने पर जिला नियंत्रण कक्ष से तत्काल सूचना प्रसारित की जाएगी। सूचना प्राप्त होते ही दंगा निरोधक दस्ते को 20 मिनट के भीतर निर्धारित घटनास्थल के लिए रवाना किया जाएगा।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद टीम वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति का लगातार आकलन करेगी और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी आकस्मिक कानून-व्यवस्था की स्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करना है।#BiharPolice #BiharNews #PatnaNews #AntiRiotForce #DARF #DistrictAntiRiotForce #BiharLawAndOrder #RiotControl #PoliceNews #BiharGovernment #PoliceHeadquarters #RapidActionForce #RAPO #LawAndOrder #BreakingNews