फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर मीडिया कार्यशाला आयोजित, 43 लाख से अधिक आबादी को दवा सेवन का लक्ष्य
सीतामढ़ी।
जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” को प्रभावी एवं सफल बनाने हेतु जिला वेक्टर जनित रोग (VBD) नियंत्रण कार्यालय परिसर में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान की रूपरेखा, रणनीति, लक्ष्य एवं दवा सेवन से जुड़ी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी देना था, ताकि सही एवं प्रमाणिक सूचना आम जनमानस तक पहुंच सके।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला VBD नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव ने बताया कि जिले की कुल 43,39,028 जनसंख्या को फाइलेरिया से बचाव हेतु दवा सेवन कराया जाएगा। इसके लिए जिले में 1,672 दवा वितरण दलों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाएंगे। इन दलों के कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कुल 166 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो प्रत्येक 10 दलों का नियमित पर्यवेक्षण करेंगे।
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर जिले के सभी पात्र लोगों को अनिवार्य रूप से दवा का सेवन करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दवा वितरण के दौरान आयु एवं निर्धारित डोज के अनुसार ही दवा का सेवन कराया जाएगा, ताकि दवा सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से फाइलेरिया से बचाव कर सके।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष अभियान को और अधिक व्यापक बनाते हुए घर-घर दवा सेवन के साथ-साथ जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में भी 26 से 28 फरवरी 2026 तक विशेष रूप से दवा सेवन कराया जाएगा, जिससे स्कूली बच्चों को फाइलेरिया से सुरक्षित किया जा सके।
माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे के निर्देश पर दिनांक 11 फरवरी 2026 को जिले में महाअभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले के सभी 3,174 आंगनवाड़ी केंद्रों पर दवा सेवन सुनिश्चित करने हेतु विशेष टीमों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे।
उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए जीविका, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग एवं जिला प्रशासन सहित अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। सभी विभागों की सक्रिय सहभागिता से समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम की निगरानी के लिए WHO एवं पीरामल फाउंडेशन के मॉनिटर्स सभी प्रखंडों में दैनिक स्तर पर फील्ड विज़िट कर दवा वितरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे तथा आवश्यकतानुसार त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में जिला स्तर से भी सघन मॉनिटरिंग की विस्तृत योजना तैयार की गई है। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा सभी विभागों को कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मीडिया कार्यशाला में VDCO प्रिंस कुमार, पवन कुमार, रजनीश कुमार, कमलेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। वहीं पीरामल फाउंडेशन की ओर से रोहित कुमार एवं विक्रम कुमार ने भी सहभागिता करते हुए मॉनिटरिंग एवं सामुदायिक सहभागिता पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के अंत में मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से संबंधित सही जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम नागरिकों को दवा सेवन हेतु प्रेरित करें, ताकि जिला फाइलेरिया मुक्त बनने की दिशा में एक सशक्त कदम आगे बढ़ा सके।
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