प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक—26 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में जारी संकट एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री रिची पांडे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में उर्वरक के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं कृषि विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि यूरिया सहित किसी भी उर्वरक की जमाखोरी एवं कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इस प्रकार की गतिविधियां राष्ट्रीय हित एवं सुरक्षा के साथ खिलवाड़ मानी जाएंगी और दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया कि सीमावर्ती प्रखंडों में विशेष सतर्कता बरती जाए। वहां के उर्वरक विक्रेताओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा संदेहास्पद गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के कार्यों का सतत अनुश्रवण करने तथा उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
प्रशासनिक तंत्र हुआ सक्रिय
जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
एसएसबी, पुलिस एवं खुफिया विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड से दैनिक रिपोर्ट जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
संदिग्ध दुकानों की सूची बनाकर विशेष निगरानी की जाए।उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
