जिले में नशे के कारोबार और नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूत करने के लिए पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नशा तस्करों के साथ-साथ उनके करीबियों की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। जिला एंटी नारकोटिक्स सेल ने विशेष अभियान चलाकर पिछले छह सालों में अर्जित की गई संपत्तियों का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। छह साल पुरानी संपत्तियों की जांच करने के बाद उनकी तोड़फोड़ होगी।

तावड़ू डीएसपी एवं नोडल अधिकारी अभिमन्यु लोहान ने जानकारी देते हुए बताया कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए पुलिस अलग-अलग एंगल से काम कर रही है। जिले में चलाई जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत बीते करीब तीन महीने के दौरान जिला नूंह की 326 ग्राम पंचायत के अंतर्गत 292 गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जा चुके हैं।

प्रॉपर्टी के सोर्स की जांच शुरू

इस दौरान ग्रामीणों के सहयोग से नशे में लिप्त 94 लोगों को दवा उपलब्ध कराई गई,जबकि चार युवाओं को नशा छुड़ाने के लिए भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हर मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करी की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसे तस्करों की पहचान की जा रही है जिन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है। खास बात यह है कि अब तस्करों के करीबी रिश्तेदारों जैसे माता-पिता,बहन,बेटी और अन्य स्वजन की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्ति का स्रोत क्या है।

पुलिस के अनुसार यदि जांच में यह सामने आता है कि संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है,तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की जा सकती है। पिछले करीब तीन महीनों से एंटी नारकोटिक्स सेल इस अभियान पर काम कर रही है और बड़े नशा तस्करों की संपत्तियों का खाका भी तैयार कर लिया गया है।

तावड़ू के दो गांव चिन्हित

तावड़ू क्षेत्र के कुछ गांवों को भी विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जहां नशे का कारोबार सक्रिय बताया जा रहा है। जिसमें बावला और भाजलाका में मादक पदार्थ तस्करी के ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन इलाकों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है। डीएसपी लोहान ने स्पष्ट किया कि नशा एक गंभीर समस्या है,जो खासकर युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है।

इसे जड़ से खत्म करने के लिए किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी तस्कर के पक्ष में कोई सिफारिश आती है,तो उसे भी पूरी तरह नजरअंदाज किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस सख्त अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को इस बुराई से बचाना है।

लगातार जागरुक अभियान चला रही है पुलिस

पुलिस जिले में गांव गांव जाकर लोगों को नशा के प्रति जागरुक करने के लिए अभियान भी चला रही है। ताकि लोग नशे की गिरफ्त में आने से बच सकें।

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