नई दिल्ली। जाट आरक्षण की मांग को लेकर दिल्ली में आगामी 12 अक्टूबर 2026 को पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह मार्च किसान घाट से संसद भवन तक निकाला जाएगा। इसका आयोजन राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के आह्वान पर संयुक्त जाट मोर्चा के बैनर तले किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य जाट समाज की आरक्षण संबंधी मांग को मजबूती से सरकार के सामने रखना है। मार्च में शामिल होने वाले लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे।
इस कार्यक्रम को लेकर सभी खापों और जाट संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन में जितनी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, सरकार तक उतना ही मजबूत संदेश पहुंचेगा।
राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष बालकृष्ण कुंतल ने जाट समाज के लोगों से 12 अक्टूबर को किसान घाट पहुंचने और पैदल मार्च में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जाट समाज लंबे समय से आरक्षण की मांग करता आ रहा है। इस मार्च के माध्यम से समाज की इस मांग को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने सभी जाट भाई-बहनों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
आयोजकों ने इस कार्यक्रम को जाट आरक्षण की लड़ाई को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
संयुक्त जाट मोर्चा जिंदाबाद।
बालकृष्ण कुंतल
प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय जाट महासभा भारत
