पांच दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में छोटी दीवाली का विशेष महत्व है। इस पर्व को दीवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है, जिसे नरक चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन कुछ चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है, जिनमें झाड़ू भी शामिल है। हिंदू धर्म में झाड़ू को धन की देवी माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है।
क्या है इसके पीछे की वजह?
सकारात्मक ऊर्जा का संचार: धार्मिक मान्यता के अनुसार, धन की देवी मां लक्ष्मी उसी घर में वास करती हैं, जहां साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। छोटी दीवाली के दिन घर में नई झाड़ू लाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका प्रभाव घर के सदस्यों पर पड़ता है।
दरिद्रता का नाश: धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटी दीवाली के दिन नई झाड़ू घर लाने से दरिद्रता का नाश होता है। नई झाड़ू खरीदकर घर की सफाई करने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है।
आर्थिक परेशानियों से छुटकारा: छोटी दीवाली के दिन घर में झाड़ू लाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा जीवन में सदैव बनी रहती है।
इस दिशा में रखें झाड़ू
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में झाड़ू रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा को शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता है और धन में वृद्धि होती है।
इस दिशा में भूलकर भी न रखें झाड़ू
घर में भूलकर भी झाड़ू को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह दिशा पूजा-पाठ के लिए शुभ मानी जाती है। इसके अलावा इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में भी रखने से बचें। इस दिशा में झाड़ू रखने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग छोटी दीवाली के दिन झाड़ू खरीदकर लाते हैं, उनके घरों में धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि छोटी दीवाली के दिन झाड़ू खरीदना शुभ क्यों माना जाता है।
