सीतामढ़ी, 5 सितंबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और जरूरत के अनुसार नई परिसंपत्तियों के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर योजनाओं के चयन और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव, बिहार के निर्देश के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण को लेकर कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर करीब 10 योजनाओं का चयन किया जाए। इनमें ग्राम पंचायत स्तर की मौजूदा आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार नई परिसंपत्तियों का निर्माण भी शामिल होगा।
उन्होंने विद्यालय भवनों और अन्य शैक्षणिक आधारभूत संरचनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सामुदायिक भवनों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों को बेहतर बनाने, उनका उन्नयन करने और आवश्यकता होने पर नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय जरूरतों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को भी योजनाओं में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का चयन करते समय स्थानीय आवश्यकता, जनहित और उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
सभी चयनित योजनाओं की सूची तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जिला स्तर पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उप विकास आयुक्त को प्राप्त प्रस्तावों का समेकन और परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने प्रखंड में इस अभियान के नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करने और योजनाओं के चयन की प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, नई निर्माण योजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि विशेष अभियान के तहत चयनित योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद और जनोपयोगी होनी चाहिए। साथ ही, इन योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, सिविल सर्जन डॉ. आरके यादव, अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार और डीआरडीए निदेशक राजेश भूषण समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
