कोतवाली। साइबर अपराधियों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर दस गुना लाभ का लालच देकर एक एलआईसी एजेंट से 38 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। रकम निकालने की मांग पर अतिरिक्त 28 लाख रुपये जमा करने को कहे जाने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
व्हाट्सएप संदेश से शुरू हुआ जाल
कोतवाली थाना क्षेत्र के सेठ गली निवासी राजीव यादव पेशे से एलआईसी एजेंट हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि लगभग एक माह पूर्व उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से क्रिप्टो करेंसी की ऑनलाइन ट्रेडिंग में दस गुना लाभ का संदेश प्राप्त हुआ।
संदेश के माध्यम से उन्हें एक निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाकर विश्वास अर्जित किया गया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में उनसे बड़ी रकम निवेश कराई गई।
रकम निकालने पर मांगे गए 28 लाख
जब राजीव यादव ने निवेश की गई राशि और लाभ निकालने की बात कही, तो कथित प्लेटफॉर्म की ओर से ‘टैक्स’ और ‘प्रोसेसिंग शुल्क’ के नाम पर 28 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने की मांग की गई। इसी दौरान उन्हें ठगी का संदेह हुआ।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा
पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी खंगाली जा रही है।
बढ़ रहे हैं ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी आकर्षक रिटर्न का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ते हैं। प्रारंभ में छोटे लाभ दिखाकर विश्वास जीतने के बाद बड़ी रकम ठग ली जाती है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, मैसेज या निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें।
