ईरान की एक अदालत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फिल्मकार जफर पनाही को उनकी गैरमौजूदगी में पांच साल की सजा सुनाई है।
साथ ही उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि पनाही को इस सुनवाई की कोई पूर्व सूचना तक नहीं दी गई थी। उन्हें तब पता चला जब उनके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए।
उनकी ताजा फिल्म ‘इट वॉज जस्ट एन एक्सीडेंट’ ने 2025 में कान फिल्म फेस्टिवल का सर्वोच्च पुरस्कार जीता था और ऑस्कर के लिए भी नामित हो चुकी है।
पनाही की फिल्मों की यात्रा बचपन से ही शुरू हो गई थी। नौ साल की उम्र में उन्हें एक शॉर्ट फिल्म में अभिनय का मौका मिला। शूटिंग टीम को ज्यादा वजन वाले बच्चे की जरूरत थी, इसलिए उन्हें चुना गया।
वहां कैमरा देखकर पनाही उसे चलाना चाहते थे, लेकिन कैमरामैन ने छूने तक नहीं दिया। यह इच्छा अधूरी रह गई तो उन्होंने फिल्मकार बनने का मन बना लिया।
फिल्म ‘इट वॉज जस्ट एन एक्सीडेंट’ कान विजेता
2011 में जब उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर फिल्म बनानी शुरू की तो शासन ने उन पर रोक लगा दी। पनाही ने घर में ही ‘दिस इज नॉट अ फिल्म’ तैयार की।
इस फिल्म को पेन ड्राइव में रखकर केक के अंदर छिपाया गया और कान फिल्म फेस्टिवल तक पहुंचाया गया। पनाही की जिंदगी और फिल्में दोनों ही संघर्ष की कहानी बयान करती हैं। अदालत के ताजा फैसले से अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में फिर चर्चा छिड़ गई है।
