आरा संवाददाता: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। घटना के बाद से भोजपुर जिले के बिलौटी गांव स्थित भरत तिवारी के पैतृक आवास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों का लगातार आना-जाना बना हुआ है।

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। भरत तिवारी के परिजनों और समर्थकों का दावा है कि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, जबकि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई लोगों ने भी मामले की जांच की मांग उठाई है।

इसी क्रम में 28 जून को उत्तर प्रदेश की राजनीति में उभरते युवा ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले पंकज ध्वरैया अपने समर्थकों और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बिलौटी गांव पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में वाहन और समर्थकों का काफिला भी मौजूद था।

गांव पहुंचने के बाद पंकज ध्वरैया ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और उनकी माता से बातचीत कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मामले में सत्य सामने आना चाहिए और यदि परिवार न्याय की मांग कर रहा है तो उसकी आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना चाहिए।

परिजनों के अनुरोध पर पंकज ध्वरैया और उनके समर्थकों ने शाहपुर थाने पहुंचकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका संगठन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की मांग के साथ परिवार के साथ खड़ा रहेगा।

गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और विभिन्न संगठनों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

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