इंटरनेट मीडिया पर गैंग्स्टर जैसी पहचान बनाने का जुनून जिले के युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर 777, भौकाल, आजमगढ़िया, 315, 9999, 7272 और 4040 जैसे नामों से बनाए गए वर्चुअल गैंग चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इन ग्रुपों के सदस्य महंगी बाइक और कारों के काफिले, तेज संगीत, गैंग स्टाइल रील्स और हथियारों के प्रतीकों के साथ वीडियो पोस्ट कर खुद को प्रभावशाली और दबंग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
जनपदों के विभिन्न थानों की साइबर सेल की जांच में यह निकल कर आया है कि यह प्रवृत्ति केवल इंटरनेट मीडिया तक सीमित नहीं है। छोटे-मोटे विवादों में भी ऐसे समूह झुंड बनाकर पहुंचते हैं और घटनाओं के वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करते हैं, जिससे अन्य युवाओं में भी गैंग संस्कृति के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
इसके साथ ही गैंगों का यह ग्रुप आपस में भी जुड़ा हुआ है जो जरूरत पढ़ने पर विवाद सलटाने के लिए उन्हें मौके पर बुला लेते हैं जिससे वह और प्रभावशाली दिखे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार के निर्देश पर अपरेशन वज्रपात के तहत ऐसे गैंगों को चिह्नित करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
