मधुबनी, 12 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले में योजना की प्रगति की समीक्षा को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव-सह-मुख्य नोडल पदाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा सहित योजना से जुड़े सभी 11 विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने मधुबनी में PMDDKY के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति, कृषि क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों और उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि जिले में जलजमाव और सीमित सिंचाई व्यवस्था प्रमुख चुनौतियां हैं। वहीं मखाना उत्पादन, मत्स्य पालन, मक्का के आच्छादन में वृद्धि और फसल विविधीकरण को कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में चिन्हित किया गया है।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि पिछले चार महीनों में PMDDKY के सभी घटकों पर युद्धस्तर पर किए गए कार्यों का परिणाम है कि मधुबनी ने राष्ट्रीय स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को अभिसरण आधारित रणनीति अपनाते हुए समन्वित, संगठित और परिणामोन्मुखी तरीके से कार्य करना होगा।

प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर ने विभिन्न इंडिकेटरों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग और प्राकृतिक खेती के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप जिले में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की संख्या 1,875 से बढ़कर 2,375 हो गई है।

उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण ने बताया कि किसानों के साथ-साथ थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को फर्टिलाइजर ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

23 FPO को मजबूत कर बाजार से जोड़ने पर जोर

मुख्य नोडल पदाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने जिले में स्थापित सभी 23 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को अधिक सक्रिय और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत प्रभेद के बीजों को बढ़ावा देने और बाजार की मांग के अनुरूप फसलों एवं कृषि उत्पादों का चयन करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन और उत्पादकता में गुणोत्तर वृद्धि की जा सकती है। साथ ही, आत्मा को सफल एवं प्रगतिशील किसानों के खेतों पर प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया गया।

आम आदि के बगीचों में ओल और हल्दी की अंतरवर्ती खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्यान पदाधिकारी को किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

KCC कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश

रबी 2026 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने से पहले किसानों का पंचायतवार सर्वेक्षण कराने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया। वहीं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को सभी बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने विशेष कैंप आयोजित कर आगामी दो महीनों में KCC की संख्या में गुणोत्तर वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को सभी संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

अरहर किसानों के पंजीकरण और मत्स्य पालन पर फोकस

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत अरहर उत्पादक किसानों का पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया।

जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि जिले के 11 चौर क्षेत्रों में कुल 427.5 एकड़ रकबा विकसित किया गया है। इस पर मुख्य नोडल पदाधिकारी ने जिले में मखाना और मत्स्य उत्पादन से संबंधित विस्तृत सर्वेक्षण कराने, आंकड़े उपलब्ध कराने तथा इसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सभी घटकों में समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और अधिक से अधिक मत्स्य पालक किसानों को KCC से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

जलकुंभी से ‘Waste to Wealth’ की पहल

बैठक में जलजमाव वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर जलकुंभी को ‘Waste to Wealth’ में परिवर्तित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए गठित त्रिस्तरीय दल को अध्ययन के बाद अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version