हरियाणा में Haryana Kaushal Rozgar Nigam Limited (HKRNL) के तहत कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया है। प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उन कर्मचारियों के लिए कोई नई योजना प्रस्तावित नहीं है, जो 15 अगस्त 2024 के बाद पांच साल की सेवा पूरी करेंगे।
दरअसल, हरियाणा सरकार ने पहले यह व्यवस्था की थी कि एचकेआरएनएल के तहत अनुबंध पर लगे वे कर्मचारी, जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवानिवृत्ति आयु तक नौकरी की गारंटी दी जाएगी। इस फैसले को उस समय सरकार की ओर से अनुबंधित कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना गया था।
लेकिन अब सवाल उठने लगे हैं कि जो कर्मचारी 15 अगस्त 2025 या 15 अगस्त 2026 तक अपनी पांच साल की सेवा पूरी करेंगे, क्या उन्हें भी वही सुरक्षा मिलेगी। इसी मुद्दे को लेकर करनाल के भाजपा विधायक Jagmohan Anand ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार से सीधा सवाल किया।
उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश सरकार एचकेआरएनएल के तहत कार्यरत उन कर्मचारियों को भी सेवा सुरक्षा देने पर विचार कर रही है, जो आने वाले वर्षों में पांच साल की सेवा पूरी करेंगे। विशेष रूप से उन्होंने उन कर्मचारियों का मुद्दा उठाया जो 15 अगस्त 2025 और 15 अगस्त 2026 तक पांच साल की सेवा पूरी कर लेंगे।
इस सवाल का जवाब देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की ओर से स्पष्ट किया गया कि फिलहाल सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी वर्तमान नीति के तहत वही कर्मचारी सेवा सुरक्षा के पात्र होंगे, जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक पांच साल की सेवा पूरी कर ली है।
सरकार के इस जवाब के बाद एचकेआरएनएल के तहत काम कर रहे हजारों कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कई कर्मचारी उम्मीद कर रहे थे कि सरकार सेवा सुरक्षा की समय सीमा को आगे बढ़ाएगी, ताकि आने वाले वर्षों में पांच साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को भी वही लाभ मिल सके।
वर्तमान में हरियाणा में बड़ी संख्या में युवा HKRNL पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों में अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निकाय, बिजली विभाग और अन्य सरकारी संस्थानों में अलग-अलग पदों पर तैनात हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि सरकार सेवा सुरक्षा की समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाती है, तो हजारों कर्मचारियों को भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। उनका तर्क है कि एक ही नीति के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अलग-अलग व्यवहार करना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति में भी अहम बन सकता है, क्योंकि एचकेआरएनएल के तहत कार्यरत कर्मचारियों की संख्या काफी बड़ी है और वे लंबे समय से स्थायी नौकरी या कम से कम दीर्घकालिक सुरक्षा की मांग करते रहे हैं।
फिलहाल सरकार का रुख साफ है कि 15 अगस्त 2024 तक पांच साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही सेवानिवृत्ति आयु तक नौकरी की गारंटी मिलेगी, जबकि इसके बाद पांच साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए अभी कोई नई नीति प्रस्तावित नहीं है।
