लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी पहल की है। यात्रियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और अगरतला-आनंद विहार तेजस एक्सप्रेस में अपग्रेडेड लिनन (बेडरोल) सेवा शुरू की गई है।
यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले चादर और कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन बेडरोल पर क्यूआर कोड दिया गया है, जिसे स्कैन कर धुलाई की तिथि की जानकारी ली जा सकती है।
यह सुविधा फिलहाल फर्स्ट और सेकेंड एसी कोच में लागू की गई है। सभी बेडरोल सीलबंद व सैनिटाइज्ड पैकेट में दिए जा रहे हैं।
मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार यात्री अक्सर शिकायत करते थे कि चादरें गंदी और बदबूदार होती हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लाई गई है।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों का रेलवे पर भरोसा मजबूत होगा। बेडरोल की धुलाई और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में आने वाली समस्याओं को भी इस नई तकनीक से दूर किया गया है।
हाई-थ्रेड काउंट साफ्ट काटन के चादर उपलब्ध
नई सुविधा में कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब साधारण कपड़े की जगह हाई-थ्रेड काउंट साफ्ट काटन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अधिक मुलायम और आरामदायक है।
साथ ही बेडरोल अब सीलबंद और सैनिटाइज्ड पैकेट में दिए जा रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम हुआ है। तकिया भी पहले की तुलना में हल्के और साफ्ट फाइबर वाले उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
फिलहाल यह सुविधा केवल फर्स्ट और सेकेंड एसी कोच के यात्रियों के लिए लागू की गई है। रेलवे का कहना है कि आने वाले समय में इसे अन्य ट्रेनों में भी विस्तार देने की योजना है।
