सीतामढ़ी। मिशन परिवार विकास अभियान पखवाड़ा के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय सीतामढ़ी में स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन तथा मीडिया जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार नियोजन को लेकर समुदाय में जागरूकता बढ़ाना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन के प्रति समुदाय को निरंतर जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि गर्भधारण की न्यूनतम आयु 20 वर्ष होनी चाहिए, क्योंकि इस उम्र में एक लड़की मानसिक और शारीरिक रूप से मातृत्व के लिए अधिक परिपक्व होती है। साथ ही दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतराल होना चाहिए, जिससे मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर रह सके।
पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समुदाय को परिवार नियोजन के साधनों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के स्थायी साधनों में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी के साथ-साथ अस्थायी साधनों जैसे कॉपर-टी, अंतरा, माला-N, छाया और कंडोम आदि की भी सुविधा उपलब्ध है।
राज्य सरकार द्वारा पखवाड़ा को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक PHC/CHC/SDH को पखवाड़ा के दौरान 10 पुरुष नसबंदी और 120 महिला बंध्याकरण का लक्ष्य दिया गया है, जबकि सदर अस्पताल के लिए 30 पुरुष नसबंदी और 100 महिला बंध्याकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त योग्य दंपतियों के अनुसार PPIUCD, छाया, अंतरा और माला-N जैसे अस्थायी साधनों के उपयोग को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. जेड. जावेद, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय झा, PSI से अनुज मिश्रा, यूनिसेफ से कुमार अभिषेक, पीरामल फाउंडेशन से रोहित कुमार एवं दुर्गा प्रसाद, गांधी फेलो विवेक कुमार, एंथोनी जोसफ तथा सदर अस्पताल के अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
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