मेरठ विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार का काला कारोबार: अवैध निर्माणों की बाढ़, योगी सरकार को करोड़ों का चूना।
मेरठ, 3 फरवरी 2026 (लोकेश कुमार की रिपोर्ट)
मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के जोन D-4 में भू-माफियाओं का राज कायम है! मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की सख्त चेतावनियों के बावजूद अवैध कॉलोनियां, विशालकाय दुकानें और फैक्टरियां रातोंरात खड़ी हो रही हैं। अभियंता प्रमोद वर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निशांत भू-माफियाओं को खुली छूट दे रहे हैं, जबकि आला अधिकारी खामोश दर्शक बने हैं।
:- क्या यह भ्रष्टाचार की ठेकेदारी है जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को चुनौती दे रही है?
मवाना रोड पर छोटी कोर्ट के ठीक सामने भू-माफिया त्यागी, अंशुल गुप्ता और अमित मूर्ति जैसे कुख्यात नाम बेखौफ अनधिकृत निर्माणों को पूरा कर रहे हैं।
:- सूत्र बताते हैं कि प्रमोद वर्मा और निशांत इन माफियाओं के ‘पार्टनर’ बने हुए हैं—रिश्वत के बदले प्लानिंग बायपास और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी हो रहे हैं।
:- इससे एमडीए को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है, जो सीधे योगी सरकार की तिजोरी को खाली कर रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कच्ची कॉलोनियां बिना किसी मंजूरी के उग आई हैं, जिनमें सैकड़ों प्लॉट बिक चुके हैं!शिकायतों की भरमार, कार्रवाई का सन्नाटा।
:- जोनल अधिकारी निकेता सिंह और सचिन आनंद कुमार के पास दर्जनों शिकायतें पड़ी सड़ रही हैं, लेकिन एक भी डेमोलिशन ड्राइव नहीं चली।

एमडीए उपाध्यक्ष दीपक मीणा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं—वे इन भ्रष्ट अधिकारियों पर क्यों लगाम नहीं कस पा रहे?
:- पूर्व अध्यक्ष अभिषेक पांडे के कार्यकाल में अवैध निर्माणों पर ब्रेक लग गया था, लेकिन संजय मीणा के आने के बाद भ्रष्टाचार की बौछार शुरू हो गई।
✒️मंडलायुक्त ने हाल ही में अधिकारियों को ‘सख्त निर्देश’ दिए थे,।
फिर भी जमीन पर कोई बदलाव नहीं!
स्थानीय व्यापारी और निवासी आक्रोशित हैं। एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
“एमडीए के अधिकारी माफियाओं के साथ मिले हुए हैं। रात के अंधेरे में जेसीबी चलती हैं और सुबह नई इमारतें तैयार!”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह न सिर्फ शहरी नियोजन को ध्वस्त कर रहा है, बल्कि बाढ़, ट्रैफिक और पर्यावरणीय खतरे भी बढ़ा रहा है।
क्या योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर अब मवाना पहुंचेगा?
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग तेज:

:-सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व एमएलसी ने एमडीए पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। विपक्षी दल भी इसे बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है—क्या जल्द कोई बड़ा ऐक्शन होगा या भू-माफिया अपना खेल जारी रखेंगे? मेरठ वासी सवाल कर रहे हैं: एमडीए में सुशासन कब?
