सीतामढ़ी जिले के बैरगानिया प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड सहयोग समिति की बैठक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर विकास योजनाओं और स्वास्थ्य अभियानों की दिशा में नए आयाम स्थापित किए। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुनील कुमार गौर ने की।
बैठक में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल वहाब, जीविका के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक सर्वानंद पांडेय, फील्ड मॉनिटर राजेश कुमार, बीआरपी, डीए सुपरवाइजर, एएनएम, आशा फैसिलिटेटर, आशा कार्यकर्ता, महिला पर्यवेक्षिका और डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल थे। बैठक में प्रोग्राम लीड रोहित कुमार और गांधी फेलो दिव्या चौहान ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बैठक के मुख्य एजेंडे
बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें ग्राम पंचायत योजना और सुविधा टीम (जीपीपीएफटी), ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), एनीमिया मुक्त पंचायत, फाइलेरिया मुक्त पंचायत और ड्रॉपआउट मुक्त पंचायत जैसी योजनाएं शामिल थीं। इन योजनाओं के कार्यान्वयन और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा की गई।
जीपीडीपी और जीपीपीएफटी पर फोकस:
बैठक में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के तहत पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें टीमों को अधिक प्रभावी बनाने और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया। जीपीपीएफटी के माध्यम से पंचायत स्तर पर सुविधाओं की उपलब्धता और उनके वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और पोषण पर चर्चा:
बैठक में एनीमिया मुक्त पंचायत और फाइलेरिया मुक्त पंचायत के अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया। एनीमिया के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए महिलाओं और बच्चों को आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उपाय सुझाए गए।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का विशेष अभिमुखीकरण
बैठक में प्रोग्राम लीड रोहित कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए आगामी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) राउंड पर एक विस्तृत अभिमुखीकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करना आवश्यक है।
दवा सेवन के दिशा-निर्देश:
- किन्हें दवा नहीं लेनी चाहिए:
- दो साल से कम उम्र के बच्चे।
- गर्भवती महिलाएं।
- हाल ही में प्रसव करने वाली महिलाएं (सात दिन के भीतर)।
- गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति।
- सावधानियां:
दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए। दवा सेवन के बाद यदि चक्कर आना या उल्टी जैसा हल्का प्रभाव होता है, तो इसे सामान्य माना जाएगा और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। - टीम को निर्देश:
दवा वितरण करने वाले दल को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी योग्य लाभार्थियों को दवा खिलाई जाए और किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
विभागीय समन्वय पर जोर

बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के अभियानों में आपसी सहयोग और समन्वय पर सहमति व्यक्त की। यह तय किया गया कि विभिन्न योजनाओं और अभियानों के बीच तालमेल बनाकर ब्लॉक की अधिकतम जनसंख्या को लाभ पहुंचाया जाएगा।
सामाजिक और स्वास्थ्य अभियानों का महत्व:
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ड्रॉपआउट मुक्त पंचायत अभियान के तहत शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही, स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित अभियानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चुनौतियों पर चर्चा और समाधान
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। इनमें संसाधनों की कमी, जनजागरूकता की कमी, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जैसी समस्याएं प्रमुख थीं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक का निष्कर्ष
बैठक के अंत में बीडीओ सुनील कुमार गौर ने सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार की बैठकें न केवल योजनाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सहयोग को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
फाइलेरिया मुक्त पंचायत की ओर एक कदम
बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के सहयोग की अपील की गई। यह अभियान सीतामढ़ी जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
सामाजिक जिम्मेदारी का आह्वान:
बैठक में यह संदेश दिया गया कि सरकारी योजनाओं और अभियानों की सफलता में केवल सरकारी अधिकारियों की ही नहीं, बल्कि आम जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी को जागरूक होकर इन अभियानों का हिस्सा बनना चाहिए।
इस बैठक ने सीतामढ़ी जिले के विकास और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाई हैं। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के प्रयासों से निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।