सिर्फ़ एक महिला की शक्ति नहीं, पूरी समाज की शक्ति बनाएं, यही है मिशन शक्ति योजना का उद्देश्य
सीतामढ़ी, 19 जनवरी 2025: जिले के समाहरणालय कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना के बेहतर संचालन के लिए जिला संचालन समिति की बैठक हुई। बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें मिशन शक्ति योजना और मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना प्रमुख थीं।
बैठक का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
बैठक का उद्देश्य जिले में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के क्षेत्र में चल रही योजनाओं का उचित क्रियान्वयन और संचालन सुनिश्चित करना था। जिला पदाधिकारी ने बैठक में मिशन शक्ति योजना और मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के संचालन पर गहरी चर्चा की और इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम, सीतामढ़ी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में कई योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें सामाजिक पुनर्वास कोष, अल्पावास गृह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181, शक्ति सदन, सखी निवास, और DHEW पालना घर शामिल हैं।
वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वुमेन का महत्व
बैठक में चर्चा का एक अहम हिस्सा था वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वुमेन के संचालन का। यह केंद्र जिले में पीड़ित महिलाओं को हर प्रकार की मदद और सहायता प्रदान करता है। जिला पदाधिकारी ने इस केंद्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह केंद्र महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वुमेन का एक साथ संचालन किया जा रहा है, ताकि पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की सहायता मिल सके। यहां महिलाओं को मानसिक, शारीरिक, और कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा, सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं को महिलाओं तक पहुंचाने का कार्य भी इस केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है।
पालना घर और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का महत्व
पालना घर एक और महत्वपूर्ण योजना है, जिसका संचालन जिले में किया जा रहा है। वर्तमान में समाहरणालय परिसर में एक पालना घर संचालित हो रहा है, जबकि दूसरे पालना घर के लिए पुलिस लाइन में भवन चिन्हित किया गया है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह पालना घर उन बच्चों के लिए है, जिनकी मांओं को किसी कारणवश अस्थायी देखभाल की आवश्यकता होती है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग विभिन्न कार्यक्रमों में किया गया है, ताकि समाज में लड़कियों के प्रति जागरूकता बढ़े और उन्हें समान अवसर मिले। इस योजना का उद्देश्य लड़कियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
सामाजिक पुनर्वास कोष योजना की समीक्षा
बैठक में सामाजिक पुनर्वास कोष योजना की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाया जाए। इसके अलावा, जिले में अल्पावास गृह के संचालन को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
शक्ति सदन और सखी निवास की स्थिति
बैठक में शक्ति सदन और सखी निवास योजनाओं पर भी चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने बताया कि इन दोनों योजनाओं के तहत महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त वातावरण प्रदान किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इसके अलावा, वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों के अवधि विस्तार के संबंध में भी चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने इस पर ध्यान देने की बात कही और सुनिश्चित किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्र किया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें सिविल सर्जन, डायरेक्टर डी0आर0डी0ए0, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, और जिला मिशन समन्वयक शामिल थे। सभी अधिकारियों ने योजनाओं के संचालन और क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए और जिला पदाधिकारी को इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए।
अंतिम निर्देश और भविष्य की दिशा
बैठक के अंत में, जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन योजनाओं का क्रियान्वयन अविलंब सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं जिले में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनका उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जिले में महिलाओं और बच्चों के लिए चल रही योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए सभी अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे अपनी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की समस्या या रुकावट को तुरंत हल करें।
निष्कर्ष
यह बैठक जिले में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के क्षेत्र में चल रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया गया कि सभी योजनाओं का उचित संचालन हो और लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचे।
यह भी स्पष्ट हो गया कि मिशन शक्ति योजना और अन्य संबंधित योजनाएं जिले में महिलाओं और बच्चों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही हैं, और इन योजनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
आशा है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनेगा, जो समाज में समानता और विकास को बढ़ावा देगा।