सीतामढ़ी, 19 जनवरी 2025 – जिले के जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में जनसामान्य से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। यह कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसमें जिलाधिकारी ने सभी परिवादियों से बारी-बारी से मुलाकात की और उनके मुद्दों को समझने का प्रयास किया।
जनता दरबार: एक सशक्त संवाद का मंच
जनता दरबार कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को उनकी समस्याओं का समाधान समय पर और प्रभावी तरीके से मिले। जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन में सुधार लाना है, और इसके लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, आपसी विवाद, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत, पीएचईडी (पानी, स्वच्छता और जल आपूर्ति) और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें आईं। इन मामलों पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक शिकायत का शीघ्र समाधान करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मामला लंबित न रहे।
समस्याओं का समाधान: अधिकारियों की भूमिका
जनता दरबार में आए 86 आवेदन में से अधिकांश मामलों में भूमि विवाद, अतिक्रमण और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे थे। जिलाधिकारी ने इन मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। उन्होंने कहा, “हमारे पास जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन इसका सही तरीके से उपयोग करना आवश्यक है।”
अतिक्रमण और भूमि विवाद के मामलों में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन को इन मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास भूमि संबंधी कोई वैध दस्तावेज हैं, तो उसे तुरंत न्याय मिलना चाहिए। वहीं, अतिक्रमण की स्थिति में स्थानीय प्रशासन को बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी भी व्यक्ति का अधिकार न छिन सके।
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत सुनवाई
आज के जनता दरबार के दौरान, जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार की सुनवाई भी की। इस सुनवाई में कुल 15 मामले प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 4 मामलों पर जिलाधिकारी ने आदेश जारी किए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को उनके अधिकारों का संरक्षण मिले और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत शिकायतकर्ताओं को यह अधिकार प्राप्त होता है कि वे अपनी शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों से अपील कर सकें। यह प्रक्रिया नागरिकों को प्रशासन के प्रति विश्वास और पारदर्शिता प्रदान करती है।
अधिकारियों को दिया गया सख्त निर्देश
जनता दरबार के बाद जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त जन शिकायतों के निष्पादन में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा, “इसमें किसी भी तरह की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। हमें जनता की समस्याओं का समाधान शीघ्र और प्रभावी तरीके से करना है, ताकि उनका विश्वास प्रशासन पर बना रहे।”
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और किसी भी मामले में विलंब न होने पाए।
जनता दरबार का महत्व
जनता दरबार जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करते हैं। यह कार्यक्रम नागरिकों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और वे प्रशासन से सीधे संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय का यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है।
यह कार्यक्रम न केवल सीतामढ़ी जिले के नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करता है। जब प्रशासन अपने नागरिकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करता है, तो इससे न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी बढ़ता है।
निष्कर्ष
आज का जनता दरबार कार्यक्रम सीतामढ़ी जिले में प्रशासन और जनता के बीच एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएं और जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान करें।
इस प्रकार के कार्यक्रमों से यह साबित होता है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो समस्याओं का समाधान करना और विकास की दिशा में कदम बढ़ाना संभव होता है। जिलाधिकारी के इस प्रयास से सीतामढ़ी जिले में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।