बाजपट्टी विधानसभा क्षेत्र के बोखड़ा प्रखंड के झिटकी गांव निवासी मो. सोहैल साहेब की कोरोना महामारी के दौरान दुखद मृत्यु हो गई थी। वे प्राथमिक विद्यालय झिटकी में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से समर्पित थे। हालांकि, उनकी असामयिक मृत्यु के बाद, उनके परिवार को शिक्षा विभाग द्वारा मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि और लंबित वेतन का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। यह मामला चार साल से लंबित है, जिससे मृतक शिक्षक के परिजनों को न केवल मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा है, बल्कि आर्थिक संकट भी उत्पन्न हुआ है।
इस मुद्दे की जानकारी मिलते ही बाजपट्टी विधानसभा क्षेत्र के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक श्री मुकेश कुमार यादव ने सक्रियता दिखाई और इस मामले को हल करने के लिए कदम उठाया। विधायक श्री यादव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार साहू और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुभाष कुमार से उनके कार्यालय में मिलकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मृतक शिक्षक के परिजनों को विधिसम्मत मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि और लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र किया जाए।
विधायक श्री यादव ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि एक परिवार की भलाई से जुड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग का कर्तव्य है कि वे समय पर सभी लाभ प्रदान करें, ताकि मृतक शिक्षक के परिवार को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय लाभ से वंचित रहने पर, परिजनों को न केवल मानसिक, बल्कि शारीरिक और आर्थिक कष्ट भी हुआ है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
विधायक ने मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए दिए निर्देश

श्री यादव ने अधिकारियों को यह भी नसीहत दी कि किसी भी मामले में मानवीय संवेदनाओं का ख्याल रखना चाहिए। एक शिक्षक का परिवार अगर चार साल से विभागीय लाभ से वंचित है, तो यह न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार के प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोगों को अपनी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि मृतक शिक्षक के परिवार को सभी लंबित कार्यों का शीघ्र समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो। साथ ही, यह भी कहा कि इस मामले में कोई और शिकायत न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा।
डीईओ और डीपीओ ने दिए अविलंब कार्य पूर्ण करने का आश्वासन
विधायक श्री यादव की बातों को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रमोद कुमार साहू और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) सुभाष कुमार ने आश्वासन दिया कि वे अविलंब सभी लंबित कार्यों को पूरा करेंगे। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है और वे जल्द से जल्द मृतक शिक्षक के परिजनों को सभी बकाए का भुगतान करेंगे।
डीईओ और डीपीओ ने यह भी कहा कि वे इस मामले में कोई और देरी नहीं होने देंगे और शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों को यह निर्देश देंगे कि वे समय पर सभी लाभ और वेतन का भुगतान करें। इसके अलावा, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं न उत्पन्न हों और सभी कर्मचारियों को उनके हक का भुगतान समय पर किया जाए।
शिक्षक समुदाय और समाज की प्रतिक्रियाएँ
इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। शिक्षक समुदाय ने विधायक श्री यादव की पहल की सराहना की है और कहा है कि यह कदम न केवल मृतक शिक्षक के परिवार के लिए राहत का कारण बनेगा, बल्कि यह अन्य शिक्षकों के लिए भी एक संदेश होगा कि उनके अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
समाज के अन्य वर्गों ने भी इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रहे। किसी भी कर्मचारी की मृत्यु के बाद, उसके परिवार को सभी विभागीय लाभ और अनुग्रह राशि का समय पर भुगतान किया जाना चाहिए, ताकि परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
यह मामला एक उदाहरण है कि किस प्रकार प्रशासनिक लापरवाही और देरी के कारण एक परिवार को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। विधायक श्री मुकेश कुमार यादव की पहल ने यह साबित कर दिया कि जनप्रतिनिधि का कर्तव्य केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान भी करते हैं।
अब यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग अपने अधिकारियों के माध्यम से इस मामले को कितनी शीघ्रता से हल करता है और क्या भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उम्मीद की जाती है कि इस मामले से प्रशासनिक सुधार की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे, ताकि सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर उनके हक का भुगतान मिल सके।