मकर संक्रांति, भारत के प्रमुख और पारंपरिक त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन जिले में बड़े धूमधाम से किया गया, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर इस पर्व को शानदार तरीके से मनाया। इस उत्सव के आयोजन में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया और यह कार्यक्रम जिले के प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
मकर संक्रांति महोत्सव का उद्घाटन
मकर संक्रांति महोत्सव 2025 का आगाज कमला बालिका उच्च विद्यालय के सभा कक्ष में हुआ। इस अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन जिला अधिकारी श्री रिची पांडे, पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन, अपर समाहर्ता श्री संदीप कुमार, और अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन श्री बृज किशोर पांडे द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस उद्घाटन समारोह में जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी श्री रिची पांडे ने अपने संबोधन में मकर संक्रांति के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो नए आरंभ और समृद्धि का संदेश देता है। यह पर्व जीवन में सकारात्मक बदलाव और उन्नति का संदेश लेकर आता है। उन्होंने समाज में सामूहिकता और समरसता की भावना को प्रबल करने की अपील की और कहा कि यह पर्व विविधता में एकता की भावना को प्रदर्शित करता है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन ने अपने संबोधन में मकर संक्रांति को उल्लास और परंपराओं का संगम बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत का उत्सव है, जिसे विभिन्न समाजों में अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत कमला बालिका उच्च विद्यालय के संगीत शिक्षकों और शिक्षिकाओं द्वारा की गई। विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत के साथ सामूहिक गीत, शास्त्रीय गायन, नृत्य, और बसंत के आगमन पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही कत्थक नृत्य की शानदार प्रस्तुति भी की गई। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा और समर्पण ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद सूचना और जनसंपर्क विभाग की नुक्कड़ नाटक टीम, कृष्ण कला जत्था ने बाल विवाह पर आधारित एक बेहतरीन नाटक प्रस्तुत किया। नाटक ने दर्शकों को समाज में फैली हुई कुरीतियों के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटक की टीम ने ‘बसंती बयार बहल’, ‘सरसों फुलाईल’, और ‘ए हो पिया काहे बाड़ तू भुलाइल’ जैसे गीतों की मनमोहक प्रस्तुति की, जो दर्शकों के दिलों में समा गए।
कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य वरीय शिक्षक श्री एसएन झा ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित किया और दर्शकों का मन मोह लिया।
पतंगबाजी प्रतियोगिता: एक अनोखा अनुभव
मकर संक्रांति का त्योहार पतंगबाजी के बिना अधूरा होता है। इस बार जिला प्रशासन ने स्थानीय डुमरा हवाई अड्डा मैदान में एक मैत्रीपूर्ण पतंगबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में जिले के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और पतंग उड़ाने का आनंद लिया। इस दौरान जिलाधिकारी श्री रिची पांडे और पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन ने भी पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति के इस पर्व को सेलिब्रेट किया।
पतंगबाजी के इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त और जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का एक साधन था, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल और सामूहिकता को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन तरीका था। इस प्रतियोगिता ने सभी को एकजुट किया और मकर संक्रांति के इस उल्लासपूर्ण अवसर को और भी खास बना दिया।
मकर संक्रांति के संदेश
मकर संक्रांति का पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता, समृद्धि, और सामूहिकता का प्रतीक है। यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो न केवल मौसम में बदलाव लाता है, बल्कि जीवन में भी नये अवसरों और संभावनाओं की शुरुआत करता है। इस दिन को विभिन्न समाजों में अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसका मूल संदेश एक ही होता है – जीवन में सकारात्मक बदलाव और उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाना।
जिलाधिकारी श्री रिची पांडे ने इस अवसर पर मकर संक्रांति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व जीवन में खुशियों, उम्मीदों और समृद्धि का आगाज करता है। साथ ही, उन्होंने इस पर्व के माध्यम से समाज में एकता और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देने की बात की। पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन ने भी मकर संक्रांति को भारत की सांस्कृतिक धरोहर और विविधता का उत्सव बताया, जो देश की सांस्कृतिक विविधता को सम्मानित करता है।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति महोत्सव 2025 ने जिले में एक नई ऊर्जा और उल्लास का संचार किया। जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, गायन, और पतंगबाजी ने इस दिन को और भी खास बना दिया। इस उत्सव ने यह सिद्ध कर दिया कि मकर संक्रांति न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह समाज में सामूहिकता, समरसता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। इस दिन ने हमें यह सिखाया कि विविधता में एकता और सामूहिकता के साथ हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और एक बेहतर समाज की ओर बढ़ सकते हैं।
इस प्रकार, मकर संक्रांति महोत्सव 2025 ने जिले के लोगों को एकजुट किया और इस पर्व के वास्तविक उद्देश्य को समझने का एक शानदार अवसर प्रदान किया।