पटना: बिहार की राजधानी पटना में स्थित ‘लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक’ ने एक बार फिर समाजसेवा की मिसाल पेश की है। कोरोना महामारी के कठिन समय से निःशुल्क सेवा दे रहा यह बैंक अब ठंड के मौसम में ज़रूरतमंद दिव्यांगों के लिए राहत लेकर आया है। हाल ही में इस संगठन ने दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े और कंबल वितरित किए। यह पहल समाज में मानवता और सेवा की भावना को और प्रबल करती है।
ऑक्सीजन बैंक की स्थापना और उद्देश्य
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक की स्थापना 2020 में कोरोना महामारी के दौरान की गई थी। जब देशभर में ऑक्सीजन की कमी से लोग परेशान थे, तब इस बैंक ने निःशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराकर सैकड़ों जानें बचाईं।
इस संगठन का उद्देश्य समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है। चाहे वह चिकित्सा सहायता हो, भोजन वितरण, या ठंड में गर्म कपड़े और कंबल प्रदान करना, यह बैंक हमेशा आगे रहा है।
ठंड में राहत अभियान
पटना में सर्दियों का मौसम अत्यधिक ठंडा होता है। ऐसे में गरीब और दिव्यांग लोग ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक ने इस समस्या को समझते हुए अपने राहत अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान के तहत बैंक ने पटना के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े, कंबल, टोपी, और दस्ताने वितरित किए। इस वितरण कार्यक्रम में सैकड़ों दिव्यांग और गरीब परिवार शामिल हुए।
दिव्यांगों के लिए विशेष सहायता
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक ने दिव्यांगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है। ठंड में उनके लिए गर्म कपड़े और कंबल उपलब्ध कराना सिर्फ एक राहत नहीं, बल्कि उनके जीवन को सुरक्षित और आरामदायक बनाने की कोशिश है।
इस कार्यक्रम में बैंक ने न केवल कपड़े और कंबल दिए, बल्कि जरूरतमंद दिव्यांगों को व्हीलचेयर और चलने में सहायक उपकरण भी वितरित किए।
समाजसेवकों और स्वयंसेवकों का योगदान
इस अभियान को सफल बनाने में बैंक के स्वयंसेवकों और समाजसेवकों का अहम योगदान रहा। स्वयंसेवकों ने ठंड के मौसम में घर-घर जाकर जरूरतमंदों की पहचान की और उन्हें राहत सामग्री पहुंचाई।
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक के संस्थापक ने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना है कि हर कोई अपने आस-पास के जरूरतमंदों की मदद करे।”
कोरोना काल में बैंक की भूमिका
कोरोना महामारी के समय में, जब देशभर में चिकित्सा सेवाओं की भारी कमी हो रही थी, तब लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक ने एक मसीहा की तरह काम किया। इस बैंक ने हजारों परिवारों को निःशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए।
इसके अलावा, बैंक ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी मदद पहुंचाई। जरूरतमंद परिवारों को भोजन और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
समाज के लिए प्रेरणा
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह दिखाता है कि अगर हर व्यक्ति अपने स्तर पर जरूरतमंदों की मदद के लिए कदम बढ़ाए, तो समाज में कोई भी अकेला या असहाय महसूस नहीं करेगा।
इस अभियान ने न केवल जरूरतमंदों की मदद की, बल्कि समाज के हर वर्ग को यह संदेश दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं।
आम जनता की प्रतिक्रिया
इस पहल को आम जनता और स्थानीय प्रशासन से भी सराहना मिली। वितरण कार्यक्रम में मौजूद एक दिव्यांग महिला ने कहा, “मुझे इस कंबल और गर्म कपड़ों से बहुत राहत मिली है। ठंड के कारण मेरा जीवन मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब मैं सुरक्षित महसूस कर रही हूं।”
आगे की योजनाएं
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक ने घोषणा की है कि वे आने वाले समय में भी इस तरह के राहत कार्य जारी रखेंगे। बैंक ने ठंड के मौसम में नियमित रूप से जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और भोजन वितरित करने की योजना बनाई है।
इसके अलावा, बैंक ने यह भी कहा कि वे दिव्यांगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेंगे।
निष्कर्ष
लाइफ लाइन ऑक्सीजन बैंक का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह दिखाता है कि अगर सही इरादे और मेहनत से काम किया जाए, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है।
पटना के इस संगठन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सेवा का भाव और इंसानियत ही सच्चा धर्म है।