जायदाद विवाद ने खेत में खूनी रूप ले लिया। पहली पत्नी ने पुत्रियों व पुत्र संग मिलकर पति को बांका (धारदार हथियार) से मौत के घाट उतार दिया। बचाने आई दूसरी पत्नी पर भी प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग पहुंचे तो खेत में फसलों के बीच पसरे खून को देख सहम उठे। नेबुआ नौरंगिया थाना के गांव जगदीशपुर मदरहवा टोला में शनिवार सुबह सात बजे हुई इस वारदात के बाद आरोपित फरार हो गए।
उर्मिला नेबुआ नौरंगिया ब्लाक में आशा कार्यकर्ता हैं। वर्ष 2012 में ओमप्रकाश ने बिहार के बगहां निवासी नित्या उर्फ अंकिता से दूसरी शादी कर ली। इसके बाद पहली पत्नी साथ जमीन के हिस्से को लेकर विवाद खड़ा हुआ। कई बार हुई पंचायत के बाद उर्मिला को जीविकोपार्जन के लिए चार कट्ठा जमीन दी गई। हिस्सा बंटवारे और भरण-पोषण को लेकर न्यायालय में सात वर्षों से मुकदमा चल रहा है। उर्मिला अपने बच्चों के साथ गांव के पुराने मकान में रहती हैं।
ओमप्रकाश दूसरी पत्नी और बच्चों के साथ गांव के बाहर बने नए मकान में रहते थे। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।करीब साढ़े तीन बीघा जमीन उनके नाम से थी, जिसमें उपचार के लिए छह कट्ठा भूमि बीते 29 जुलाई को बेची थी। इसी के बाद विवाद और बढ़ गया था। मृतक की मां मंगूरी के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर बाद भी उर्मिला घर आई थी। घर के सामने ही ओमप्रकाश को मारा-पीटा था।
ओमप्रकाश शनिवार सुबह घर से लगभग 500 मीटर दूर टहलने गए थे। वहीं उर्मिला अपने बच्चों के साथ परवल के खेत की मेड़ बांध रही थी। ओमप्रकाश ने इसका विरोध किया तो उसने अपने पुत्रियों-पुत्र से मिलकर बकुआ से गले पर हमला कर दिया, मौके पर ही मौत हो गई। बचाने आइ दूसरी पत्नी नित्या पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिए।
नेबुआ नौरंगिया के प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे, पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली। मां मंगूरी की तहरीर पर उर्मिला, बेटा आदित्य, बहन सीमा, बेटी गुंजा व बेटी काजल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। उर्मिला और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
