मधुबनी, 18 सितंबर 2026। सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान कुल 47 आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का नियमानुसार समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने बैंक भुगतान, अतिक्रमण, बिजली कनेक्शन, भूमि विवाद, शिक्षा, कृषि और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। पचही निवासी कोराईसा खातून ने मृत पति के बैंक खाते में नॉमिनी होने के बावजूद भुगतान में हो रही देरी दूर कराने की मांग की। बाबूबरही के धमौरा निवासी ने सरकारी पोखर से अतिक्रमण हटाने का आवेदन दिया।
पाली गोठ निवासी ने कृषि बिजली कनेक्शन के लिए पोल लगाए जाने के बावजूद कनेक्शन नहीं मिलने और फसल सूखने की शिकायत की। लदनियां प्रखंड के मिर्जापुर निवासी शुकदेव ने सीमांकित जमीन पर पीलर/निशान लगाने से रोकने और रास्ता अवरुद्ध किए जाने की समस्या बताई। वहीं मधेपुर प्रखंड के भेजा निवासी भारत पासवान ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत B.Tech अंतिम वर्ष की लंबित फीस के भुगतान और आवेदन के सत्यापन का अनुरोध किया।
राजनगर के पलिवार निवासी पशुपति मिश्रा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बंद होने की शिकायत की। नरहिया निवासी अशोक कुमार यादव और लीलाधर यादव ने अपनी केवाला जमीन पर खेती करने से रोकने और धमकी दिए जाने की समस्या रखी। राजनगर के रघुनी देहट निवासी फेरू मिश्रा ने घर तक आने-जाने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। दोस्तपुर करमौली निवासी रोशन कुमार ने ITI कॉलेज में नामांकन रद्द कराकर मूल प्रमाण पत्र वापस दिलाने का आवेदन दिया।
टेंगरार निवासी रामसुंदरी देवी ने रहिका प्रखंड में कार्यरत रहते पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद बकाया राशि के भुगतान का अनुरोध किया। बाबूबरही के पिरही निवासी तेतर साहू ने पैतृक जमीन को हिस्सेदार द्वारा बेचने और कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में जिलेभर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का सम्मानपूर्वक समाधान कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनहितैषी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि सरकार द्वारा हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किया जा रहा है। यह पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया है और प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जाना है। नागरिक घर बैठे RTMS के माध्यम से अपनी शिकायत या समस्या के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सहयोग शिविर RTMS पोर्टल: https://sahyog.bihar.gov.in/
