मधुबनी, 18 सितंबर 2026। ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत जिला गंगा समिति, मधुबनी ने नगर पंचायत बेनीपट्टी के सहयोग से बेनीपट्टी में गंगा आरती का आयोजन किया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया। इस दौरान बेनीपट्टी विधायक विनोद नारायण झा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
गंगा आरती के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में बताया गया कि नदियां भारतीय सभ्यता और संस्कृति की जीवनधारा रही हैं। प्राचीन समय से ही नदियों के किनारे मानव सभ्यताओं का विकास हुआ और इनके जल ने जीवन, कृषि तथा आजीविका को आधार दिया।
आयोजकों ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि मानव जीवन की आधारशिला हैं। इसलिए नदियों और अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है। जिला गंगा समिति ‘स्वच्छता ही सेवा’ के माध्यम से लोगों को जलस्रोतों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने का प्रयास कर रही है।
बेनीपट्टी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि नदियां धार्मिक आस्था, संस्कृति और जीवन से गहराई से जुड़ी हैं। नदी के प्रति सम्मान केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी स्वच्छता और संरक्षण में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि जिला गंगा समिति का उद्देश्य नदियों और अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाना है। गंगा आरती जैसे कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को जलस्रोत संरक्षण के संकल्प से जोड़ते हैं। उन्होंने लोगों से जलस्रोतों को स्वच्छ रखने, उनमें कचरा नहीं डालने और संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि जलस्रोतों की स्वच्छता केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा दायित्व भी है।
