सीतामढ़ी के स्कूलों और कॉलेजों में चला साइबर जागरूकता अभियान, डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 21 जुलाई 2026 को सीतामढ़ी जिले के सभी थाना क्षेत्रों के विद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि आज अधिकांश वित्तीय लेन-देन डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए ऑनलाइन भुगतान और बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है।
अभियान में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें फर्जी कॉल, फर्जी मैसेज, क्यूआर (QR) कोड स्कैम, संदिग्ध APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, KYC और OTP फ्रॉड, जॉब स्कैम तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। साथ ही इनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।
पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना OTP, PIN, CVV, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी एवं सावधानी के साथ उपयोग करने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों से यह भी आग्रह किया गया कि वे अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान ‘गोल्डन आवर’ की अवधारणा पर भी विशेष जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी की घटना के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित इस दौरान तुरंत शिकायत दर्ज कराता है, तो ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इस संबंध में नागरिकों को किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (Cybercrime.gov.in) या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” का संदेश देते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई है।
