सीतामढ़ी स्थित 51वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (SSB) में अधिकारियों और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा तनाव प्रबंधन की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से 22 जून से 23 जून 2026 तक “Mental Well-being and Stress Management” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यशाला कमांडेंट संजीव कुमार सिंह के मार्गदर्शन और डॉ. सुमित कुमार चौरसिया, उप-कमांडेंट (चिकित्सा) के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए Heartfulness Institute के प्रतिनिधि डॉ. राजीव श्रीवास्तव और अमोद कुमार ठाकुर का सहयोग लिया गया।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं कार्मिकों को हार्टफुलनेस मेडिटेशन की अवधारणा, उसके महत्व और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते कार्यभार और तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य का संतुलित रहना बेहद आवश्यक है।
डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित ध्यान, आत्मचिंतन और मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति अपने मन, शरीर और आत्मा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है। इससे तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में सहायता मिलती है तथा कार्यक्षमता में भी सुधार होता है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ध्यान की विभिन्न तकनीकों से परिचित कराया गया। साथ ही हार्टफुलनेस मेडिटेशन का व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कार्मिकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी साझा किया।
समापन समारोह में द्वितीय-कमान-अधिकारी धीरज कुमार ने Heartfulness Institute के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों से नियमित रूप से ध्यान एवं योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुए अपने कर्तव्यों का अधिक दक्षता, समर्पण और ऊर्जा के साथ निर्वहन कर सकें।
