बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ अभियान के तहत संचालित ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम के अंतर्गत 10 जुलाई 2026 को मधुबनी समाहरणालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने अपने कार्यालय कक्ष में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। प्राप्त परिवादों में भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, ICDS, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड, अतिक्रमण सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामले शामिल रहे।
जिलाधिकारी रिची पांडेय ने सभी मामलों की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता बनाए रखें। प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘सेवा-संवाद-समाधान’ कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज हुई है और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
इसी दौरान जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर द्वितीय अपील मामलों की भी सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 11 मामलों पर सुनवाई करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
