सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड स्थित SFC गोदाम के निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डुमरा ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सीतामढ़ी को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे प्रखंड प्रमुख ने सूचना दी कि जनवितरण प्रणाली (PDS) के विक्रेताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर उप प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों के साथ SFC गोदाम का निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत थी कि गोदाम से समय पर खाद्यान्न का उठाव नहीं हो रहा है। यदि उठाव होता भी है तो डीलरों को खराब गुणवत्ता वाला चावल लेने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके अलावा प्रत्येक बोरे में निर्धारित मात्रा से कम चावल मिलने की भी शिकायत की गई। खराब गुणवत्ता के खाद्यान्न वितरण को लेकर उपभोक्ताओं में भी नाराजगी बताई गई।
निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां
बीडीओ द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम में करीब 400 बोरे चावल रखे हुए थे, जिनमें कीड़े लग चुके थे और चावल सड़ने की स्थिति में था। जब गोदाम प्रबंधक से इन बोरों के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
निरीक्षण के दौरान बोरे का वजन करने का प्रयास किया गया, लेकिन वजन मापने वाली मशीन खराब होने के कारण वजन की पुष्टि नहीं हो सकी।
गोदाम प्रबंधक ने दावा किया कि खाद्यान्न का नियमित उठाव हो रहा है, लेकिन चालान रजिस्टर की जांच में पाया गया कि 25 जून 2026 के बाद अगला चालान सीधे 1 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, जिससे नियमित उठाव के दावे पर सवाल खड़े हुए।
इसके अलावा निरीक्षण के दौरान R.D. बुक भी उपलब्ध नहीं कराई गई। सहायक गोदाम प्रबंधक ने बताया कि उनके पास अन्य गोदामों का अतिरिक्त प्रभार भी है, जिसके कारण वे नियमित रूप से निरीक्षण और पर्यवेक्षण नहीं कर पाते।
कार्रवाई की सिफारिश
बीडीओ डुमरा ने निरीक्षण में सामने आए तथ्यों का उल्लेख करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी से मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
