समाहरणालय, मधुबनी

जिला जनसम्पर्क कार्यालय

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक 14 /03/2026

⬛️ जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सुदृढ़ बनाने के दिए निर्देश
संस्थागत प्रसव बढ़ाने, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की निगरानी एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
मधुबनी 14मार्च 2026 पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति, मधुबनी की अध्यक्षता में समाहरणालय में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के सलाहकार, सभी उपाधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संस्थागत प्रसव की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव की नियमित समीक्षा करने तथा आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। जिन आशा कार्यकर्ताओं का कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि एएनसी प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव क्यों नहीं कराया, इसका कारण सहित विश्लेषण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाए, ताकि संस्थागत प्रसव को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
समीक्षा के दौरान उपलब्धियों के आधार पर मधवापुर, पंडौल एवं बिस्फी प्रखंडों में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों से कारण पूछा गया। साथ ही पंडौल प्रखंड के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं बीसीएम के वेतन से तीन दिनों की राशि तथा मधवापुर एवं बिस्फी प्रखंड के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं बीसीएम के वेतन से एक-एक दिन की राशि काटने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने उच्च जोखिम (High Risk) वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक ऐसी महिलाओं की सूची तैयार कर प्रतिदिन टेलीफोन के माध्यम से फॉलो-अप करें। आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित सी-सेक्शन (C-Section) के माध्यम से प्रसव सुनिश्चित कराया जाए, ताकि जटिल प्रसव के मामलों में किसी प्रकार की जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि ममता पोर्टल पर सभी स्वास्थ्य गतिविधियों की नियमित एवं सही प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए तथा Vitals की प्रविष्टि की निगरानी स्वयं उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी करें।
सी-सेक्शन की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि अनुमंडलीय अस्पतालों में भी प्रति माह कम से कम 10 सी-सेक्शन सुनिश्चित किए जाएं, ताकि जटिल प्रसव के मामलों में मरीजों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
इसके अतिरिक्त e-Teleconsultation सेवा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन चिकित्सा पदाधिकारियों की उपलब्धि 56 प्रतिशत से कम पाई गई है, उनसे स्पष्टीकरण पूछा जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जयनगर अनुमंडलीय अस्पताल स्थित एमएनआरसी (MNRU) में कुपोषित बच्चों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार भेजा जाए तथा एनआरसी में उपचाररत बच्चों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि कुपोषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी एम्बुलेंस, पैथोलॉजी या अन्य माध्यमों से निजी अस्पतालों में भेजने की प्रवृत्ति पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों की नियमित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को रोस्टर के अनुसार समय पर अस्पताल में उपस्थित रहने तथा मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में निर्देश दिया गया कि सदर अस्पताल, मधुबनी में प्रतिदिन कम से कम 30 अल्ट्रासाउंड जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें जिला स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर, पारदर्शी और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करना होगा, ताकि जिले के लोगों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।– —————————————————————————————* ..*

  *आपदा नही है भारी,यदि पूरी है तैयारी। सजग रहे,सर्तक रहे।  किसी भी प्रकार की* *सहायता या सूचना के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर  पर*06276-222576  पर करे संपर्क।।**                         

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# DPRO,Madhubani

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