*समाहरणालय, मधुबनी*
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*जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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*प्रेस विज्ञप्ति*
*दिनांक 21/05/2026*
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⬛️*जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय बैठक में विकास योजनाओं, भूमि उपलब्धता एवं लंबित मामलों की हुई विस्तृत समीक्षा*———-
*सहयोग शिविरों के प्रभावी संचालन पर जिलाधिकारी का विशेष जोर, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश*——
*जनता दरबार सीपीग्राम एवं न्यायालय मामलों के शीघ्र निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश*
मधुबनी, 21 मई 2026
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतरविभागीय समन्वय, विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता तथा कार्यालय गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास कार्यों में आ रही बाधाओं, लंबित मामलों तथा जन शिकायतों के निष्पादन की विभागवार एवं योजनावार विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे “सहयोग शिविर” को जनहित का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं पंचायतों में जाकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करें तथा प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है, उन्हें तत्काल उच्च स्तर पर प्रतिवेदित किया जाए और अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। साथ ही सहयोग शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिकाधिक ग्रामीण इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नीलाम पत्र वादों के निष्पादन पर विशेष बल देते हुए सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को बड़े राशि वाले कम-से-कम पाँच मामलों का चयन कर शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। विशेष रूप से राजस्व एवं शिक्षा विभाग को सभी लंबित आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं के साथ विभागवार एवं योजनावार विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण कार्यों में बाधक बन रहे पेड़ों एवं विद्युत पोलों को वन विभाग एवं बिजली विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी अतिक्रमण संबंधी मामलों को “मधुबनीफास्ट पोर्टल” पर अपलोड कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
भूमि उपलब्धता की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहाँ कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाए ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँच सके। उन्होंने शेष बचे टोला क्षेत्रों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन तथा बाढ़ प्रमंडल से संबंधित भू-अर्जन, सीमांकन, भूमि अतिक्रमण, एनओसी एवं अन्य लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, सूचना का अधिकार, मानवाधिकार तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की भी क्रमवार समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जिला स्तरीय जनता दरबार से संबंधित मामलों में पुलिस, राजस्व, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग में सर्वाधिक लंबित आवेदन पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि न्यायालयीन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा में शिक्षा विभाग एवं भू-अर्जन विभाग में सर्वाधिक लंबित सीडब्ल्यूजेसी मामले पाए जाने पर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर ठोस प्रगति लाने का निर्देश

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