होली रंगों का उत्सव है।सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्यिक यात्रा कार्यालय बसबरिया वार्ड 25 राइस मिल कैंपस में परंपरागत होली गीत का गायन साथियों बालकों अभिभावकों के साथ गाया गया।सीता संवाद निदेशक आग्नेय कुमार के नेतृत्व में परंपरागत होली गीतों का गायन ढोलक झाल मृदंग डंफ़ नाल संग हुए।पाहुन राम और बहिन जानकी संग होली मिथिला की पवित्र हुई है।माता सीता जन्मभूमि पर होली उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।जानकी नवमी की तैयारी में सनातनी जुट जाते है।होली रंगों का त्यौहार है जो प्रेम समरसता का प्रतीक है ।इसी क्रम में होली की परंपरागत गीत का गायन सबने मिलकर किया।मिथिला में राम खेले होली ,कनक महल में सिया संग राम खेले होली,बाबा हरिहरनाथ सोनपुर में खेले होली,यमुना तट राम खेले होली,खेले मसाने में होली दिगंबर खेले मसाने में होली,बंधन बंधन बंधन दुर्गा महारानी के बंधन,शिव मठ पर लाल ध्वजा फहरे,आज ब्रज में होली रे रसिया, रंग लेके दौड़े हनुमान जी राम जी उठ के भागे जैसे कई गीतों का गायन हुआ।
मौके पर पूर्व सैनिक अनिल कुमार,पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी,महेश कुमार,विनीत कुमार,सुधीर सिंह ,नवीन द्विवेदी, देव नारायण ठाकुर,कृपा निधि ठाकुर,बीरेंद्र ठाकुर अवनीश कुमार सिंह,अविनाश कुमार,मुकेश कुमार ठाकुर समेत कई लोगों ने होली गीत गाए।होली गीत गाने आए सभी अतिथियों को रंग बिरंगे गुलाल लगाकर समरसता का प्रतीक होली मनाया गया।

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