हिमाचल प्रदेश में AI समिट से जुड़े विवाद ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में लोक भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि AI समिट प्रकरण में दिल्ली पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में हस्तक्षेप किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश सरकार पर पुलिस तंत्र के कथित राजनीतिक दुरुपयोग के गंभीर आरोप भी लगाए गए।
राज्यपाल से भेंट के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि AI समिट के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं द्वारा अर्धनग्न प्रदर्शन कर देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के निर्देश पर हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले में दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की। भाजपा का आरोप है कि इस प्रकरण में शामिल कुछ यूथ कांग्रेस नेताओं को हिमाचल सदन में शरण दी गई।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि इन नेताओं के लिए कमरों की बुकिंग मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से कराई गई थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बताया।
