सीतामढ़ी। जिला स्वास्थ्य समिति, सीतामढ़ी के सभागार में सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन करना था।
बैठक में सीडीओ डॉ. जेड. जावेद, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी दिनेश कुमार, आरबीएसके के जिला समन्वयक प्रतीक यादव, पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, दुर्गा प्रसाद, बिकेश कुमार, पीएसआई (इंडिया) से विनय कुमार, जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान राज्य सरकार के निर्देशानुसार टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान टीबी रोगियों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, उपचार की सफलता दर तथा निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक स्तर पर सतत निगरानी एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
इसके अतिरिक्त जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा (11 से 31 जुलाई) के अंतर्गत परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता, योग्य दंपत्तियों की काउंसलिंग एवं विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों की पहुंच की समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं समय पर रेफरल की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
बैठक में संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, सी-सेक्शन सेवाएं, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता एवं रिस्पॉन्स टाइम, एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) की तैयारियों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न प्रखंडों की उपलब्धियों एवं कमियों पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए तथा जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग, डेटा की गुणवत्ता तथा समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया।
बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

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