
सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्य की यात्रा कार्यालय बसबरिया का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कथा वाचिका पूर्णिमा गार्गी की उपस्थिति में संयोजक संत भूषण दास,संरक्षक विमल कुमार परिमल,संरक्षक गुरुदेव प्रसाद सिंह एवं सीता संवाद के निदेशक आग्नेय कुमार ने मंगलाचरण गायन कर शुभारंभ किया।सीताराम नाम संकीर्तन हुआ।मातृशक्ति द्वारा कथावाचिका की आरती की गई एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्णिमा गार्गी ने कहा माता सीता जन्मभूमि पर सीता राम का गुणगान करना ही परम सौभाग्य है।प्रभु श्री राम मिथिला के पाहुन है और भगवती सीता हम सबकी बहन है।मिथिला भक्तिभूमि है जहां प्रेम अनुराग जप तप साधना एवं अनवरत भक्ति भाव जागरण होता है।देवता भी इस पवित्र भूमि का दर्शन करना चाहते है।
सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्यिक यात्रा एक वर्ष पूर्ण किया है।इसके लिए सीता संवाद में सभी सहयोगियों को साधुवाद।अथक परिश्रम का परिणाम सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्यिक यात्रा है।ध्येय सत्य संकल्प और लक्ष्य ईश्वरीय शक्ति से ओतप्रोत है।जीवन में कई पुण्य एकत्रित होते है तब भागवत भक्ति आता है।सीताराम नाम गुणगान ही कलियुग का सहारा है जो भवसागर से पार करते है।
सीता संवाद के निदेशक आग्नेय कुमार ने कहा द्वितीय वर्ष में सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्यिक यात्रा द्वारा मिथिला दर्शन यात्रा आयोजित किया जाना है जिसमें भारत में बिहार के अठारह जिला और नेपाल के आठ जिला में सीता संवाद होना है।संगीतमय सीता संवाद या बहिन सीता के जीवन चरित पर आधारित व्याख्यान विचार गोष्ठी आयोजित होंगे।
संरक्षक विमल कुमार परिमल ने बाबा तुलसीदास के राम चरित मानस के प्रसंग की व्याख्या करते हुए सीता जन्मभूमि माहात्म्य और पंच तीर्थ स्थल दर्शन की व्याख्या की।मर्यादा पुरुषोत्तम राम जानकी बिना अधूरे है।राम की मर्यादा में सीता का त्याग समाहित है।इसलिए सीताराम युगल शब्द मंगलकारी है।संयोजक संत भूषण दास ने सीता संवाद आध्यात्मिक एवं साहित्यिक यात्रा के एक वर्ष पूर्ण होने पर सम्पूर्ण संत समाज की ओर से बधाई शुभकामनाएं दी।मिथिला दर्शन यात्रा की सफलता की कामना की।साथ ही सीता संवाद कार्यालय के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त किए।
कार्यालय के शुभारंभ में श्री सत्यनारायण भगवान पूजन एवं हवन यज्ञ आयोजित किया गया।पंडित कौशल किशोर झा ने वैदिक मंत्र से पूजन कराए।
आज के कार्यक्रम में संरक्षक गुरुदेव प्रसाद सिंह,विश्व देव सहाय, देव नारायण ठाकुर,शैलेन्द्र सिंह,शिवनाथ सिंह,गौतम कश्यप,अवनीश कुमार,भानु प्रताप सिंह केशव कुमार महेश कुमार राम बाबू सिंह प्रभाकर कुमार मृत्युंजय भारत राकेश आनन्द पंकज तिवारी डॉक्टर करुणेश कुमार विक्की आदित्य सिंह सत्यम सिंह अभिषेक कुमार हिमांशु कुमार रामजी प्रसाद अरविंद गिरी नवीन द्विवेदी अमरेंद्र कुमार अनिकेत कुमार ब्रज भूषण सिंह समेत सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।

