सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा अंचल में तैनात अंचल अधिकारी डौली कुमारी पर कई गंभीर प्रशासनिक आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में सरकारी कार्यक्रमों की अवहेलना से लेकर राजस्व संग्रह में भारी कमी और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी तक के मामले शामिल हैं।

जारी आरोप पत्र के अनुसार, अंचल अधिकारी पर सबसे गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” के दौरान व्यवधान उत्पन्न किया। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री-सह-विभागीय मंत्री के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में अनुपस्थित रहकर उन्होंने कार्यक्रम की गरिमा को प्रभावित किया, जिसे विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।

आरोपों में यह भी उल्लेख किया गया है कि मार्च 2026 के दौरान महालेखाकार, बिहार और संबंधित विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आवंटित बजट के व्यय का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है।

राजस्व संग्रह के मामले में भी अंचल अधिकारी का प्रदर्शन अपेक्षाओं से काफी कम पाया गया है। निर्धारित लक्ष्य 288.38 लाख रुपये के मुकाबले केवल 69.82 लाख रुपये का ही संग्रहण किया गया, जिससे राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

इसके अलावा, माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न करना भी गंभीर आरोपों में शामिल है। इसे न्यायालय की अवमानना के रूप में देखा जा रहा है।

इतना ही नहीं, वर्ष 2027 की प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भी सहयोग न करने और उसे प्रभावित करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है, जो प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मामला माना जा रहा है।

इन सभी आरोपों के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

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