सीतामढ़ी, 16 जुलाई 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग को लेकर जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक का उद्देश्य राज्य सरकार की ओर से निर्धारित स्वास्थ्य लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर करने और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। इस दौरान अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव, डीपीआरओ कमल सिंह, सीडीओ डॉ. जेड. जावेद, डीआईओ मुकेश कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम असित रंजन, डीपीसी दिनेश कुमार, आरबीएसके जिला समन्वयक प्रतीक यादव, डीएम एंड ई संतोष कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पीरामल फाउंडेशन, पीएसआई (इंडिया) और वाधवानी एआई के प्रतिनिधियों के साथ जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक भी बैठक में शामिल हुए।

टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा

बैठक में राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने टीबी मरीजों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, उपचार की सफलता दर और निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी स्तरों पर लगातार निगरानी और बेहतर समन्वय के साथ काम किया जाए।

परिवार नियोजन और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

11 से 31 जुलाई तक चल रहे जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता और योग्य दंपत्तियों की काउंसलिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता और लोगों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और जरूरत पड़ने पर समय पर रेफरल की व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया गया।

संस्थागत प्रसव में सीतामढ़ी बिहार में 7वें स्थान पर

बैठक के दौरान संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, सी-सेक्शन सेवाएं, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं, उनके रिस्पॉन्स टाइम और एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से निपटने की तैयारियों समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए जिला पदाधिकारी ने आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी ने जिले की स्वास्थ्य उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लगातार प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जून 2026 में संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में सीतामढ़ी ने पूरे बिहार में 7वां स्थान हासिल किया है। वहीं जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) के मामले में जिला बिहार में दूसरे स्थान पर रहा।

उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को बनाए रखने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों में भी लगातार सुधार करना अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक में लगातार कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में जिला पदाधिकारी ने बोखरा प्रखंड के बीएचएम के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

वहीं बैरगनिया, बोखरा, रीगा, बाजपट्टी, परिहार, डुमरा और रुन्नीसैदपुर प्रखंडों में लगातार कम संस्थागत प्रसव के मामले सामने आने पर संबंधित प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों (BCM) का वेतन स्थगित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया।

Jio Tag Location से होगी अधिकारियों की उपस्थिति की निगरानी

जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव को जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए Jio Tag Location के माध्यम से उपस्थिति का सत्यापन कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित रूप से मौजूद रहें और वहां स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें। साथ ही चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति भी नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए।

हर सप्ताह स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा के निर्देश

अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग, डेटा की गुणवत्ता और समय पर रिपोर्टिंग को लेकर भी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए नियमित समीक्षा और जवाबदेही की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।#Sitamarhi #HealthDepartment #HealthServices #InstitutionalDelivery #BiharNews #RicheePandey #HealthReview #PMSMA #TBElimination #PublicHealth #SitamarhiNews

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