सीतामढ़ी में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक: सांसद देवेश चंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय!

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बैठक में माननीय विधायक श्री मिथलेश कुमार (सीतामढ़ी), माननीय विधायक श्री दिलीप राय (सुरसंड), मेयर श्रीमती रौनक जहां परवेज, जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री स्वप्निल, अनुमंडल पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई और भविष्य में इन मुद्दों को सुधारने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा

बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा के लिए विभिन्न क्रिया-कलापों की निगरानी पर चर्चा की गई। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की निगरानी, दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और उनका अध्ययन, ब्लैक स्पॉटों की पहचान और सुधार, सड़क सुरक्षा मानकों का कार्यान्वयन, दुर्घटना में कमी लाने के लिए विशिष्ट लक्ष्यों के साथ कार्य योजना तैयार करना, सड़क यातायात को सुचारू बनाने के उपायों की समीक्षा और सड़क सुरक्षा अभियान को बढ़ावा देने के लिए कार्य-नीतियों का निर्माण पर विचार विमर्श किया गया।

सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के निर्देश

बैठक के दौरान माननीय सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस और ट्रक चालकों के ड्राइविंग आवर्स की निगरानी की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि वे निर्धारित समय से अधिक न चलें। इसके अलावा, उन्होंने कमर्शियल व्हीकल चालकों के लिए हर छह माह में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने की सलाह दी, ताकि वे सड़क सुरक्षा के मानकों से अवगत रहें और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

सांसद ने निजी और सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इसके तहत बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार यात्री बन सकें।

सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर में स्थित सड़कों के जंक्शन पॉइंट पर आवश्यकतानुसार संकेतक और साइनेज लगाए जाएंगे। इससे यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही, सांसद ने नए सिरे से ब्लैक स्पॉट का चिन्हीकरण करने और दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए अग्रेत्तर कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई।

सांसद ने यह भी निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण और सार्वजनिक स्थलों पर हेलमेट चेकिंग अभियान नियमित रूप से चलाया जाए। इसके अलावा, हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों को लाभ देने के लिए सार्थक पहल की जाए और जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त किए जाएं।

सड़क सुरक्षा के लिए समन्वय और प्रतिबद्धता

बैठक में यह भी कहा गया कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर उपायों को लागू करें।

सदर विधायक श्री मिथलेश कुमार के सुझाव

बैठक में सदर विधायक श्री मिथलेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने ट्रिपल ड्राइविंग पर सख्ती बरतने की आवश्यकता जताई और ड्रंकन ड्राइविंग पर रोक लगाने के लिए गंभीर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बसों और ट्रकों का नियमित रूप से जांच की जाए और लाइसेंस की जांच भी नियमित रूप से की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा के भुगतान, हेलमेट, सीट बेल्ट, टिंटेड ग्लास, और प्रेशर हॉर्न की सघन जांच सुनिश्चित करने की बात कही।

आगे की कार्रवाई और योजनाएं

बैठक के बाद, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित कई योजनाओं और कार्यों को लागू करने के लिए निर्देश दिए गए। इन कार्यों में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देना, महत्वपूर्ण सड़कों के किनारे फुटपाथ का निर्माण और आवश्यकता अनुसार डिवाइडर बनाने पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा, शहर में स्थित बस स्टैंड को अन्य स्थल पर शिफ्ट करने पर भी चर्चा की गई, ताकि यातायात को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

निष्कर्ष

इस बैठक में किए गए निर्णयों से यह स्पष्ट है कि सीतामढ़ी जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर और अन्य नेताओं द्वारा उठाए गए कदम निश्चित रूप से जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे। इस बैठक ने यह भी साबित किया कि जब विभिन्न विभाग और नेता मिलकर काम करते हैं, तो वे सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर प्रभावी कदम उठा सकते हैं। अब यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की है कि वे इन निर्देशों को लागू करें और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

सड़क सुरक्षा से जुड़ी अन्य पहलें

इसके अलावा, जिले में सड़क सुरक्षा के लिए कई अन्य पहलें भी की जा रही हैं, जैसे कि दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन, सड़क सुरक्षा मानकों का पालन, और दुर्घटना के बाद की कार्रवाई। इसके साथ ही, सभी नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रकार की बैठकें और उपाय निश्चित रूप से जिले के नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

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