सीतामढ़ी, 31 जुलाई 2026: जिले में कम वर्षा के कारण संभावित पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी रिची पांडे ने सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में देर शाम समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) द्वारा संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले में पेयजल उपलब्धता, “हर घर नल का जल” योजना की वर्तमान स्थिति, भू-जल स्तर में गिरावट और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी गांव या टोले में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए और सभी विभाग समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने प्रत्येक प्रखंड और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। साथ ही “हर घर नल का जल” योजना को शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाए रखने और जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर नीचे चला गया है तथा लोग चापाकलों पर निर्भर हैं, वहां आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने उन टोलों में, जहां अब तक “हर घर नल का जल” योजना नहीं पहुंची है, निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं की नियमित मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पंचायत में मरम्मत दल उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान पीएचईडी के सभी कनीय एवं सहायक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मुख्यालय में आवासित रहने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी पेयजल योजनाओं का प्रतिदिन भौतिक निरीक्षण करने और मोटर, पाइपलाइन, वाल्व अथवा विद्युत संबंधी खराबियों का 24 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया। साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

जिलाधिकारी रिची पांडे ने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के जरिए संभावित जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटने का आह्वान किया।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) बृजकिशोर पांडेय, कार्यपालक अभियंता तथा पीएचईडी के सभी कनीय अभियंता उपस्थित रहे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version