सीतामढ़ी, 9 अगस्त 2026। पुलिस अधीक्षक, सीतामढ़ी की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात, साइबर और रक्षित शाखा के अलावा सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, लंबित कांडों के निष्पादन और Citizen Centric Policing को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए।
हर थाना क्षेत्र से पांच वांछित अपराधियों को चिह्नित करने का निर्देश
सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्र के कम से कम पांच वांछित अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ इनाम घोषित करने के लिए नियमानुसार प्रस्ताव और प्रतिवेदन भेजने को कहा गया।
लंबित मामलों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति अपनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के उचित संकलन तथा उनके विश्लेषण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा घुसपैठियों की पहचान कर आवश्यक जांच और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आम लोगों से संवेदनशील व्यवहार पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने थाना पहुंचने वाले आम नागरिकों के साथ शालीन, विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नशा मुक्ति, मादक पदार्थों के दुष्परिणाम, साइबर अपराध और यातायात नियमों को लेकर पंचायत और विद्यालय स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।
‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अनुमंडल, अंचल और थाना स्तर पर जनता दरबार अथवा जन संवाद आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का निर्देश भी दिया गया।
डिजिटल पुलिसिंग पर विशेष जोर
बैठक में e-Dossier, e-Summon, e-Sakshya, Criminal Verification और CCTNS के प्रभावी, नियमित और समयबद्ध इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने और Dial-112 की सतर्कता तथा त्वरित रिस्पांस बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन से जुड़े मामलों का भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मद्यनिषेध अभियान के तहत लगातार छापेमारी करने और जब्त शराब का शीघ्र विनष्टीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश
पुलिस अधिकारियों को U.D., SC/ST, POCSO, बलात्कार और दहेज प्रताड़ना जैसे गंभीर एवं संवेदनशील मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
लंबित वारंट, इश्तिहार और कुर्की के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने तथा सेक्टरवार जिम्मेदारी तय कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही गुंडा प्रस्ताव और CCA प्रस्ताव समय पर भेजकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
हर रविवार होगी गुंडा और चौकीदारी परेड
बैठक में प्रत्येक रविवार दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक नियमित रूप से गुंडा परेड और चौकीदारी परेड आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
थाना परिसर में डायरी राइटिंग कैंप आयोजित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी जोर दिया गया।
सभी मामलों का 60/90 दिनों के भीतर समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने तथा इसकी प्रविष्टि CCTNS पोर्टल पर करने को कहा गया।
अनुसंधानकर्ताओं को प्रतिमाह कम से कम 10 मामलों और थानाध्यक्षों एवं अंचल निरीक्षकों को न्यूनतम 4 मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्पीडी ट्रायल के लिए हर थाने से पांच मामले चिह्नित होंगे
सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने अनुमंडल के प्रत्येक थाना से कम से कम 5 मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित कर अग्रसारित करने को कहा गया।
थाना आगंतुक पंजी का नियमित और विधिवत संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
वाहन जांच और अपराधियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
जिले में सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया। संदिग्ध व्यक्तियों, ट्रिपलिंग, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सक्रिय अपराधियों और जेल से रिहा हुए अपराधियों की अद्यतन सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के साथ-साथ सूचना-संग्रह तंत्र को और मजबूत करने को कहा गया।
अवैध हथियारों की बरामदगी और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
महिला हेल्प डेस्क के संवेदनशील संचालन पर जोर
बैठक में महिला हेल्प डेस्क के प्रभावी और संवेदनशील संचालन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान उच्च स्तर का अनुशासन बनाए रखने और वर्दी में बेहतर टर्नआउट सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों से संवाद कर उनके कर्तव्यों, अनुशासन और जनसेवा को लेकर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
