सीतामढ़ी, 28 अगस्त 2026। जिला समाहरणालय के सभागार में गुरुवार को आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (DDC) श्वेता भारती ने की। बैठक में नीति आयोग के प्रमुख संकेतकों के आधार पर विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव, जिला योजना पदाधिकारी संतोष सुमन, शिक्षा, कृषि, ICDS, पशुपालन और कौशल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी तथा बैरगनिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौर मौजूद रहे। बैठक के दौरान तकनीकी सहयोग पीरामल फाउंडेशन की टीम ने प्रदान किया।
पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाने पर जोर
डीडीसी श्वेता भारती ने नीति आयोग के विभिन्न प्रमुख संकेतकों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि आकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य देश और राज्य के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सेचुरेशन मोड में काम करना होगा। विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैरगनिया प्रखंड की प्रगति पर विशेष नजर
बैठक में आकांक्षी प्रखंड बैरगनिया की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। BDO सुनील कुमार गौर ने प्रखंड की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
डीडीसी ने निर्देश दिया कि बैरगनिया में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे से जुड़े पांचों प्रमुख थीम पर विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित संकेतकों में सुधार कर डेल्टा रैंकिंग को बेहतर करने के लिए विभागों को समन्वित तरीके से काम करना होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र के संकेतकों की समीक्षा
सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संकेतकों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच (ANC) की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और आवश्यक डाटा को अपडेट रखने पर जोर दिया गया।
शिक्षा, कृषि और ICDS को दिए निर्देश
बैठक में शिक्षा विभाग को स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही स्कूलों में लाइब्रेरी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित रिपोर्ट को अपडेट करने को कहा गया।
कृषि विभाग को मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि क्रेडिट से संबंधित कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
वहीं ICDS विभाग को कुपोषित बच्चों की पहचान और पोषण ट्रैकर पर दर्ज आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार करने पर विशेष जोर दिया गया।
पोर्टल पर समय से डाटा अपडेट करने के निर्देश
जिला योजना पदाधिकारी संतोष सुमन ने बैठक में कहा कि निर्धारित समय पर डाटा एंट्री नहीं होने से जिले की रैंकिंग प्रभावित होती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पोर्टल पर आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट करने को कहा।
पीरामल फाउंडेशन की टीम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को विभिन्न संकेतकों की स्थिति की जानकारी दी। टीम ने बताया कि किन क्षेत्रों में जिला अपेक्षाकृत पीछे है और किन संकेतकों में सुधार की आवश्यकता है।
बैठक के अंत में डीडीसी श्वेता भारती ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित लक्ष्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने और विभागीय प्रगति में तेजी लाने को कहा।
